balochistan violence pakistan: बलूचिस्तान में बागी बलोचों और पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के बीच 40 घंटे तक झड़पों में अब तक 200 लोग मारे गए हैं. विद्रोहियों ने सरकारी भवनों पर कब्जा किया है, जेल से कैदियों को छुड़ाया और हथियार जब्त किए, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है.

balochistan violence pakistan: पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हाल ही में हिंसक घटनाओं ने पूरे इलाके को दहला दिया है. बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के बागियों ने कई जिलों में एक साथ हमला किया. इन हमलों के बाद पाकिस्तान की सेना, पुलिस और आतंकवाद-रोधी इकाइयों ने जवाबी कार्रवाई शुरू की. अब तक इस झड़प में कुल 200 लोगों की मौत हुई है. इसमें 31 नागरिक, 17 सुरक्षाकर्मी और 145 बागी शामिल हैं. अकेले शनिवार को ही 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि यह आंकड़ा शुक्रवार और शनिवार की छापेमारी और कॉम्बिंग ऑपरेशंस में मारे गए लोगों को मिलाकर तैयार किया गया है. यह पाकिस्तान के लिए अब तक का सबसे बड़ा नुकसान है. हमले क्वेटा, ग्वादर, मस्टुंग और नोश्की जिलों में हुए. BLA ने इन हमलों की जिम्मेदारी ली और इसके बाद सुरक्षाबलों की बड़े पैमाने पर कार्रवाई शुरू हुई.
BLA ने शनिवार को ऑपरेशन हेरॉफ के दूसरे चरण की घोषणा की. इस दौरान उन्होंने सुरक्षा बलों को निशाना बनाया. समूह के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने कहा कि उनके लड़ाकों ने नोश्की में काउंटर टेररिज्म डिपार्टमेंट (CTD) के मुख्यालय पर कब्जा कर लिया और फ्रंटियर कोर की इकाई को तहस-नहस किया. इसके अलावा विद्रोहियों ने एक जिला जेल से 30 कैदियों को छुड़ा लिया और हथियार तथा गोला-बारूद जब्त किया.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने बिना सबूत के इन हमलों को भारत-प्रायोजित बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि हमलावरों का भारत से संबंध है. भारत ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि यह पाकिस्तान की अपनी आंतरिक नाकामियों से ध्यान भटकाने की पुरानी रणनीति है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को अपने लोगों की लंबी चली आ रही मांगों और मानवाधिकार उल्लंघनों पर ध्यान देना चाहिए.

सुरक्षाबलों ने प्रभावित इलाकों में तलाशी अभियान जारी रखा. करीब एक दर्जन स्थानों को सील कर दिया गया है. पूरे प्रांत में मोबाइल इंटरनेट सेवा 24 घंटे से अधिक समय से बंद है. सड़क यातायात बाधित है और ट्रेन सेवाएं भी निलंबित हैं. क्वेटा शहर के मुख्य सड़क और बाजार बंद हैं और लोगों ने डर के कारण घरों में रहने को मजबूर हो गए हैं. माहौल भय और असुरक्षा से भर गया है.
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