khamenei son mojtaba foreign properties: ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई की विदेशों में अरबों की संपत्ति के खुलासे से देश की राजनीति में भूचाल आ गया है. सादा जीवन की छवि के बीच सामने आई यह दौलत ईरान में बढ़ते विरोध, गुस्से और सत्ता को लेकर नई बहस को हवा दे रही है.

khamenei son mojtaba foreign properties: ईरान में पहले से चल रहे सत्ता विरोधी माहौल के बीच अब एक नया खुलासा सामने आया है. इस खुलासे ने देश की राजनीति में हलचल और तेज कर दी है. रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मोज्तबा खामेनेई की विदेशों में अरबों रुपये की संपत्ति है. यह जानकारी एक साल तक चली जांच के बाद सामने आई है. बताया गया है कि मोज्तबा बिचौलियों के जरिए विदेशों में बड़ा रियल एस्टेट नेटवर्क चला रहे हैं. इस खबर के बाद ईरान में गुस्सा और असंतोष और बढ़ गया है.
जांच में सामने आया है कि मोज्तबा खामेनेई के पास यूरोप और मिडिल ईस्ट में महंगी प्रॉपर्टी है. लंदन में लग्जरी रियल एस्टेट, दुबई के पॉश इलाके में एक विला और जर्मनी के फ्रैंकफर्ट व स्पेन के मलोरका में होटल शामिल बताए जा रहे हैं. इन प्रॉपर्टी की कुल कीमत सैकड़ों मिलियन डॉलर बताई जा रही है. रिपोर्ट के अनुसार इन सौदों के लिए पैसे अलग-अलग देशों के बैंक खातों से भेजे गए. इनमें ब्रिटेन, स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन और यूएई शामिल हैं. दावा है कि यह पैसा ईरानी तेल बिक्री से आया है.
जांच में यह भी सामने आया है कि ये सभी संपत्तियां सीधे मोज्तबा खामेनेई के नाम पर नहीं हैं. इन्हें अलग-अलग कंपनियों और लोगों के नाम पर खरीदा गया है. इनमें ईरानी कारोबारी अली अंसारी का नाम प्रमुख है. कई दस्तावेजों में अली अंसारी को इन कंपनियों का मालिक या डायरेक्टर बताया गया है. अली अंसारी पर हाल ही में ब्रिटेन ने प्रतिबंध लगाए हैं. आरोप है कि उन्होंने ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को फंडिंग की और यूरोप में सैकड़ों मिलियन यूरो की संपत्ति खरीदी. हालांकि अंसारी ने इन आरोपों से इनकार किया है.
विशेषज्ञों का कहना है कि मोज्तबा खामेनेई का ईरान और विदेशों में कई कंपनियों पर सीधा या परोक्ष नियंत्रण है. उनके फाइनेंशियल नेटवर्क में कई शेल कंपनियां और ट्रस्ट शामिल बताए जाते हैं. यही नेटवर्क अमेरिकी प्रतिबंधों के बावजूद पश्चिमी देशों में पैसा भेजने में मदद करता रहा है. जानकारों के मुताबिक अली अंसारी इस नेटवर्क में अहम भूमिका निभाते हैं. इसी वजह से वह ईरान के सबसे प्रभावशाली अमीरों में गिने जाते हैं. इन खुलासों ने खामेनेई परिवार की आर्थिक ताकत को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.

ईरान में खामेनेई परिवार की छवि अब तक सादा और धार्मिक जीवन जीने वाली रही है. सरकार भी इसी छवि को आगे बढ़ाती रही है. लेकिन छोटे खामेनेई की कथित दौलत इस दावे से मेल नहीं खाती. खासकर तब जब देश महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी से जूझ रहा है. माना जाता है कि अली खामेनेई के बाद मोज्तबा उनके संभावित उत्तराधिकारी हो सकते हैं. ऐसे में यह खुलासा और भी संवेदनशील बन गया है. इस बीच अमेरिका की चेतावनियों और ईरान के भीतर बढ़ते विरोध प्रदर्शनों ने हालात को और तनावपूर्ण बना दिया है.
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