आजाद भारत का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश किया गया था. इस बजट को तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेट्टी ने पेश किया था. भारत के पहले बजट की कुल राशि लगभग 197.39 रुपए थी.
क्यों पेश किया गया था बजट?
भारत देश अंग्रेजों की गुलामी से 15 अगस्त 1947 को आजाद हुआ था. देश के सामने आजादी के बाद में कई बड़ी चुनौतियां भी थीं. उन्हीं में से एक थी एक मजबूत और व्यवस्थित आर्थिक ढांचे को खड़ा करने की चुनौती. इसी दिशा में पहला कदम रखते हुए स्वतंत्र भारत का पहला केंद्रीय बजट देश की आर्थिक नीति और भविष्य की योजनाओं की नींव बना था. देश में हर साल बजट पेश किया जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं, कि देश में पहला बजट कब पेश हुआ था?
कब पेश हुआ था देश का पहला बजट?
भारत की आजादी के बाद में देश का पहला बजट 26 नवंबर 1947 को पेश हुआ था. यह बजट देश की आर्थिक नीति और भविष्य की योजनाओं के लिए नींव की तरह था. इस बजट को तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेट्टी ने पेश किया था. यह बजट काफी खास था, क्योंकि उस समय भारत विभाजन के बाद वाली आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों से काफी ज्यादा जूझ रहा था.
कितना था देश का पहला बजट?
भारत का पहला बजट तत्कालीन वित्त मंत्री आर. के. शणमुखम चेट्टी ने पेश किया था. आर. के. शणमुखम चेट्टी भारत के पहले वित्त मंत्री भी थे. वित्त मंत्री के सामने टूटी हुई अर्थव्यवस्था को संभालने के साथ में नए देश के लिए आय-व्यय का संतुलन बनाने जैसी समस्याएं थीं. देश का पहले बजट की कुल राशि लगभग 197.39 रुपए थी. इसका राजस्व अनुमान 171.15 करोड़ रुपए था. देश का पहला बजट मुख्य रूप में से अस्थायी था.
किन चीजों पर था फोकस?
देश का पहला बजट कई चीजों के ऊपर निर्भर रहा था. 26 नवंबर 1947 को देश का पहला बजट पेश हुआ था. इस बजट में सरकार का फोकस कई चीजों के ऊपर रहा था. जैसे-
- देश के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाना
- सुरक्षा और रक्षा की जरूरतों को पूरा करना
- बुनियादी सेवाओं को संतुलित बनाए रखना
- शरणार्थियों के पुनर्वास के ऊपर खर्च
