उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पुलिस ने नशे कारोबारियों के खिलाफ में बड़ी कार्रवाई की है. बता दें कि इस कार्रवाई में 62 करोड़ 59 लाख 89 हजार 780 रुपये तक के ड्रग्स को नष्ट कर दिया गया है. सभी ड्रग्स को आग के हवाले कर दिया गया है. मामले के बाद से नशे का कारोबार करने वाले लोगों में हड़कंप मच गया है.
बता दें कि यह कार्रवाई ‘ऑपरेशन दहन’ के अंतर्गत में की गई है. यह जनपद की सबसे एंटी ड्रग कार्रवाई है. अलग-अलग थाने से 58 नशे की तस्करी से संबंधित मुकदमे को दर्ज किया था, जिसमें सभी से 814 किलो 621 ग्राम अवैध मादक पदार्थ प्राप्त किया था. अंतराष्ट्रीय बाजारों में इसकी कीमत 62 करोड़ के आसपास थी. सभी को ऑपरेशन दहन चलाकर नष्ट किया गया है.
अलग-अलग तरीके ने नशीले पदार्थ मौजूद
31 किलो- स्मैक एवं हेरोइन
11 किलो- चरस
129 किलो- डोडा
598 किलो- कोडीन सिरप
44 किलो- गांजा
हजारों युवाओं का नाश होता
हालांकि, इतने बड़ी खेप बाजारों में बेचने के लिए लाई गई थी. अगर यह बाजारों में बिकती तो हजारों के करीब युवाओं की जिंदगी बर्बात हो सकती थी. यह मामला साफ दिखाता है कि नशे का नेटवर्क कितना बड़ा है. ऑपरेशन दहन पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के एक्शन के तहत चलाया गया था. दहन के दिशा निर्देश पुलिस मुख्यालय और सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार हुई है. सबसे पहले जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी साथ ही उच्च स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी का गठन हुआ था.
ऑपरेशन दहन के समय में नारकोटिक्स सेल प्रभारी अनूप कुमार और पुलिस उपाधीक्षक रामकिशन राणा मौजूद थे. साथ ही पुलिस टीम को भी तैनात किया था. नशे को नष्ट करने में किसी तरीके की अव्यवस्था न हो. इसी कारण से भारी निगरानी रखी गई.
ये भी पढ़ें: कुर्सी की लड़ाई के बीच बदली तस्वीर! डीके शिवकुमार ने छुए सिद्धारमैया के पैर; आशीर्वाद लेकर मिले गले
