छत्तीसगढ़ के बस्तर में सेंट्रल जोनल काउंसिल की 26वीं बैठक हो रही है. इस बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए हैं. लोगों ने मन में यह सवाल है कि इस रणनीतिक बैठक में उत्तराखंड जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य को जगह क्यों दी गई है?

बस्तर में सेंट्रल जोनल काउंसिल की बैठक
छत्तीसगढ़ के बस्तर में सेंट्रल जोनल काउंसिल की 26वीं बैठक आयोजित की गई है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस हाई-लेवल बैठक में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे बड़े और समतल राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ छोटे और पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी शामिल हुए हैं. सीएम धामी की मौजूदगी ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा पैदा कर दी है. जिसके बाद सवाल उठ रहा है कि इस रणनीतिक बैठक में उत्तराखंड जैसे छोटे और पहाड़ी राज्य को जगह क्यों दी गई है?
उत्तराखंड रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण
आपको बता दें कि केंद्र सरकार अब सुरक्षा और विकास के मॉडल को नक्सल प्रभावित इलाकों के साथ पहाड़ी और सीमावर्ती राज्यों तक भी पहुंचाना चाहती है. आपको बता दें कि उत्तराखंड भले ही छोटा और पहाड़ी जरूर है, लेकिन रणनीतिक रूप से यह काफी जरूरी माना जाता है. चीन और नेपाल के साथ सीमा लगी होने के कारण यहां सुरक्षा, साइबर निगरानी और सीमावर्ती विकास जैसे मुद्दे प्राथमिकता में हैं.
राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में सीएम धामी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पिछले कुछ समय में कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनकी चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर काफी रही है. सीएम धामी प्रदेश में कानून व्यवस्था, समान नागरिक संहिता (UCC), एंटी कॉपींग कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून और डिजिटल प्रशासन जैसे कई फैसलों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में रहे हैं. इस बैठक के दौरान उत्तराखंड के कुछ प्रशासनिक मॉडलों को दूसरे राज्यों के सामने केंद्र सरकार उदाहरण बनाकर पेश करना चाहती है.
उत्तराखंड ने पेश किए विकास के मॉडल
बस्तर में होने वाली यह बैठक सुरक्षा तक सीमित न रहकर महिला सुरक्षा, साइबर अपराध, बैंकिंग पहुंच, शिक्षा, स्वास्थ्य और राज्यों के बीच तालमेल जैसे मुद्दे भी शामिल कर रही है. उत्तराखंड जैसे छोटे पहाड़ी राज्य ने डिजिटल सेवाओं और दूर-दराज के क्षेत्रों में सरकारी योजनाएं पहुंचाने में मॉडल तैयार किए हैं. ये मॉडल दूसरे राज्यों के लिए भी काफी उपयोगी माने जा रहे हैं.
बस्तर में होने वाली बैठक में पुष्कर सिंह धामी की मौजूदगी केंद्र सरकार के उस संदेश का एक हिस्सा है, जिसमें छोटे राज्यों को भी राष्ट्रीय नीति निर्माण में बराबर की भागीदारी दी जा रही है. उत्तराखंड राज्य कम समय में काफी तेजी से विकास के नए मॉडल पेश कर रहा है. जिसके कारण मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को इस महत्वपूर्ण बैठक में शामिल किया गया है.
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