बिहार के बेगूसराय में सालों से चल रहे एक केस की सुनवाई हो चुकी है. बता दें कि 8 साल पुराने बेगूसराय के सबसे चर्चित मामले में पूर्व कल्याण समाज मंत्री मंजू वर्मा और उनके पति चद्रशेखर वर्मा को दोषी ठहरा दिया गया है. कोर्ट ने दोनों को मामले में दोषी पाते हुए सात-सात साल की सजा सुनाई है. इसके अलावा उन्हें अतिरिक्त जुर्माना देने के लिए भी बोला गया है. एक साल के अंदर-अंदर उन्हें अतिरिक्त कारावास का भुगतान करना पड़ेगा. मामले की सुनवाई के बाद में अदालत ने दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. दोनों अवैध हथियार मामले में दोषी ठहराए गए थे.
क्या था पूरा केस
दरअसल, 2018 में जांच के दौरान मंजू वर्मा के घर से 50 से अधिक अवैध कारतूस बरामद किए गए थे. मामले की जांच के समय में अभियोजन पक्ष ने करीब 7 गवाहों को पेश किया था. फिलहाल इस मामले की जांच, अधिकारी रंजीत कुमार रंजक कर रहे है. उस समय में इस मामले के शिकायतकर्ता डीएसपी उमेश कुमार सिंह थे. 8 सालों तक यह मामला कोर्ट में चला था. मंजू बिहार सरकार की पूर्व समाज कल्याण मंत्री रह चुकी है. उस समय में यह लोगों के बीच में सबसे चर्चा का विषय था. बता दें कि यह केस हाईप्रोफाइल मामलों में से एक मामला है.
शनिवार के दिन हुई मामले की सुनवाई
1 अगस्त दिन शनिवार को एमपी-एमएलए कोर्ट में स्पेशल जज एडीजे-2 ब्रजेश कुमार सिंह ने मामले की सुनवाई कर फैसला सुनाया है. उन्होंने पति और पत्नी दोनों की ही मामले में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है. अदालत ने फिलहाल दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. पूर्व मंत्री होने की वजह से यह केस अब राजनीति में भी चर्चा का विषय बनकर उभरा है.
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