पश्चिम बंगाल में पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने एक बड़े मामले का खुलासा किया है. दरअसल, जंतर-मंतर के प्रदर्शन पर आतंकियों की नजर होने की खबर सामने आई है. ये आतंकी जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े लोगों के संपर्क में थे. STF ने खुलासा किया है कि ये आतंकी दिल्ली के जंतर-मंतर प्रदर्शन में पुलिस की वर्दी पहनकर घुसने का प्लान कर रहे थे. साथ ही ऐसे लोगों को ढूंढ रहे थे, जो कि पेट्रोल बम को फेंक सके.
सोशल मीडिया से जुड़ा था पूरा गिरोह
जांच में खुलासा हुआ है कि मुख्य आरोपी हमीम मंडल सोशल मीडिया के जरिए आतंकी नेटवर्क से जुड़ा हुआ था. वह सीमा पार से भारत के लिए आतंकी गतिविधियों में फंडिग करता, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी कर रहा था. वह पाकिस्तान में बैठे लोगों से टेलीग्राम, व्हाट्सएप और अन्य ऐप्स से जुड़ा हुआ था. मुख्य आरोपी हमीम मंडल को पूर्व बर्धमान से गिरफ्तार किया गया है. तो वहीं, उसकी कथित गर्लफ्रेंड अर्पिता सरकार को झारखंड के साहिबगंज से गिरफ्तार किया गया है. पूछताछ में सामने आया है कि हमीम को बड़ी संख्या में पुलिस की वर्दी खरीदने का निर्देश दिया गया था. हालांकि, उनकी यह योजना पूरी नहीं हो पाई थी.
मंत्री को भी बनाया था निशाना…
चौंकाने वाली बात तो यह है कि इस बड़ी साजिश में स्थानीय मंत्री उमेश राय को भी निशाना बनाया गया था. साथ हाँ उनके बेटे को फंसाने की भी पूरी साजिश रची गई थी. अर्पिता और हमीम मिलकर मंत्री के बेटे को हनीट्रैप में फंसाने की कोशिश कर रहे थे. उनका प्लान सफल नहीं हो पाया. अगर आतंकियों का प्लान सफल हो जाता तो बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों के संग में अनहोनी हो सकती थी. ज्यादातर प्रदर्शनकारियों में छात्र ही थे. वर्दी न मिल पाने और जंतर-मंतर में सुरक्षा होने की वजह से उनका यह प्लान सफल नहीं हो पाया है.
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