मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पटना में चल रहे कोचिंग विवाद के बीच एक बड़ा बयान दिया है. बता दें कि कोचिंग विवाद अभी तक शांत नहीं हुआ है. इसी बीच बिहार के मुख्यमंत्री ने ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि अब एक कोचिंग हब की शुरूआत की जाएगी. यह कोचिंग हब पटना के बाहर शुरू किया जाएगा. पटना में एक भी कोचिंग संस्थान को नहीं रहने दिया जाएगा. खान सार और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद के बीच में ऐसा फैसला साफ दर्शाता है कि सरकार इन कोचिंग संस्थान पर अब कड़ी निगरानी रखने वाली वाली है.
दरअसल, सरकार अब पटना से बाहर कोचिंग हब खोलने वाली है, जो कि काफी सुव्यवस्थित और आधुनिक तरीके से चलाई जाएगी. उन्होंने उद्घाटन और शिलान्यस कार्यक्रम के दौरान में कहा कि बिहार का शिक्षा क्षेत्र में काफी गौरवशाली इतिहास रहा है. इसी कारण से यहां के लोगों को बेहतर वातावरण देना सरकार की पहली प्राथमिकता है. पटना में कोचिंग संस्थानों को ऐसी जगहों पर चलाया जा रहा है, जहां पर भीड़-भाड़ है. ऐसी जगहों पर कोचिंग संस्थान चलाने से शहर में काफी अव्यवस्था और ट्रैफिक हो रहा है. इसी कारण से सरकार पटना से बाहर एक कोचिंग हब बनाने की सोच रही है.
कोचिंग हब में मिलेगी ये सुविधाएं
पानी-सड़क-परिवहन-बिजली-सुरक्षा, इन सभी चीजों की सुविधा कोचिंग हब में होगी.
एक ही जगह पर सभी विषय की पढ़ाई होगी.
राजधानी से बाहर होगा.
सुरक्षा का विशेष ध्यान. फायर सेफ्टी का ख्याल रखा जाएगा.
केवल सरकार के मानकों को पूरा कर सकने वाले कोचिंग संस्थान ही इसमें होंगे.
सरकार ही हर कोचिंग हब को जगह को देगी.
वह कोचिंग संस्थान जो सरकार के मानकों को पूरा नहीं कर पाएंगे. उनको इसमें जगह नहीं दी जाएगी.
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