Varanasi Cng pump: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में सीएनजी पंप के पीछे स्थित गोदाम में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई. देखते ही देखते आग ने पूरे यार्ड को अपनी चपेट में ले लिया. आग की लपटें करीब 40 फीट तक उठने लगीं. आग की तपिश दो किलोमीटर तक महसूस की गई. इस आग में करोड़ों का माल जलकर खाक हो गया. दमकल की 20 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर तीन घण्टे में आग पर काबू पाया.
गैस रिंफलिंग के दौरान हादसा
प्रत्यक्षदर्शियों और वहां मौजूद कर्मचारियों की मानें, तो यह पूरी घटना उस समय शुरू हुई जब परिसर में गैस रिफिलिंग का काम चल रहा था. रिफिलिंग के दौरान अचानक एक मामूली चिंगारी निकली, जिसने देखते ही देखते बेहद विकराल और भयावह रूप धारण कर लिया. आग की गगनचुंबी लपटों को देखकर वहां मौजूद चालक और आम लोग अपनी जान बचाकर भागे, जिससे चारों तरफ अफरा-तफरी मच गई. घटना की सूचना मिलते ही वाराणसी और आस-पास के जिलों से दमकल की 20 गाड़ियां एक-एक कर मौके पर पहुंचीं और फायर ब्रिगेड ने लगातार 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद देर रात 2 बजे जाकर इस भयानक आग पर काबू पाया.
कर्मचारियों ने दिखाई सूझबूझ
कंपनी के जांबाज कर्मचारियों ने सूझबूझ दिखाते हुए ऐन समय पर ‘इमरजेंसी स्टॉप बटन’ दबाकर मेन सप्लाई टैंक के कंप्रेसर को समय रहते पूरी तरह बंद कर दिया. अगर यह आग मेन कंप्रेसर टैंक तक पहुंच जाती, तो वाराणसी का यह पूरा इलाका बड़े-बड़े सिलसिलेवार धमाकों से गूंज उठता और आसपास के कई गांव इसकी जद में आ सकते थे. हालांकि, इस हादसे में कंपाउंड के स्टोरेज में रखा करोड़ों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है. गेल प्रशासन और पुलिस की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन शॉर्ट सर्किट या रिफिलिंग नोजल में तकनीकी खराबी को इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है.
मेन कंप्रेसर में आग पकड़ने से हादसा इतना बड़ा हो सकता था कि बड़े-बड़े धमाकों से इलाका गूंज उठता है. कंपाउंड के स्टोरेज में रखा करोड़ों रुपये का सामान जलकर राख हो गया. रात को दो बजे तक दमकलकर्मी बुझाते रहे आग. पूरे इलाके में आग की गर्मी महसूस होती रही. गेल के सीएनजी परिसर में 50 °C तापमान बना रहा. फिलहाल आगजनी पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया.
