Ram Mandir theft news: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में बहुचर्चित राम मंदिर चढ़ावा चोरी व गबन मामले में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है. मामले के मुख्य आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के बैंक खाते से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों का पर्दाफाश होने के बाद पुलिस और न्यायपालिका की कार्रवाई तेज हो गई है। आरोपी के पेंशन खाते में अचानक लाखों रुपये जमा होने के बाद जांच अधिकारी (विवेचक) ने अदालत के पूर्व आदेश पर कड़ी आपत्ति जताई है.
पेंशन खाते का संदिग्ध लेन-देन
पुलिस और खुफिया एजेंसियों की वित्तीय पड़ताल के दौरान आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के बैंक अकाउंट्स खंगाले गए। जांच में सामने आया कि आरोपी के पेंशन खाते में आमतौर पर हर महीने लगभग 45 हजार रुपये ही आते थे. लेकिन बीते फरवरी और मार्च महीने के दौरान इसी खाते में अचानक 12.39 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। एक सामान्य पेंशन खाते में इतनी बड़ी रकम का अचानक आना पुलिस के लिए संदिग्ध बन गया है. अंदेशा जताया जा रहा है कि यह रकम मंदिर के चढ़ावे की चोरी या उससे जुड़ी अवैध लेन-देन का हिस्सा हो सकती है.
पुलिस अधिकारी ने जताया कड़ा ऐतराज
इससे पहले अदालत ने आरोपी के पेंशन खाते से लेन-देन (निकासी) पर लगी रोक को हटाने का निर्देश दिया था. हालांकि, खाते में संदिग्ध रूप से लाखों रुपये आने की बात सामने आते ही विवेचक ने अदालत के उस आदेश के खिलाफ लिखित आपत्ति दाखिल कर दी.पुलिस का तर्क है कि अगर खाते से पैसों की निकासी की अनुमति दी जाती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच प्रभावित होगी और मुख्य साक्ष्यों से छेड़छाड़ की पूरी आशंका बनी रहेगी.
5 अगस्त को विशेष अदालत में सुनवाई
इस गंभीर घटनाक्रम का संज्ञान लेते हुए विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा की अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय की है। अब अदालत इस बिंदु पर विचार करेगी कि विवेचक की आपत्ति के बाद पेंशन खाते पर लगी रोक बरकरार रखी जाए या नहीं.
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