CM samrat choudhary viral video: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के फरवरी 2024 के एक पुराने भाषण को सोशल मीडिया पर हालिया भरत तिवारी एनकाउंटर मामले से जोड़कर गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा है.

CM samrat choudhary viral video: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब आग की तरह फैल रहा है. इस महज 16 सेकंड के वीडियो में वे कहते दिख रहे हैं कि अगर किसी ने कुशवाहा समाज के बेटे को हाथ भी लगाया, तो सम्राट चौधरी का कतरा कतरा खून उसके लिए हाजिर रहेगा. इस वीडियो के सामने आने के बाद बिहार से लेकर दिल्ली तक की राजनीति गरमा गई है. कांग्रेस के बड़े नेता और राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने भी इस पर अपनी कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि क्या कोई मुख्यमंत्री सिर्फ अपनी जाति के बारे में ऐसी बात कर सकता है. उन्हें पूरी जनता की बात करनी चाहिए थी.
लेकिन जब इस वायरल वीडियो की गहराई से पड़ताल की गई, तो इसका पूरा सच कुछ और ही निकलकर सामने आया. असल में यह वीडियो अभी का नहीं, बल्कि आज से करीब दो साल पुराना यानी फरवरी 2024 का है. उस समय सम्राट चौधरी एक बड़ी जनसभा को संबोधित कर रहे थे. वहाँ वे सूबे के अपराधियों और माफियाओं को खुली चेतावनी दे रहे थे. उन्होंने साफ शब्दों में कहा था कि बालू, जमीन और शराब का धंधा करने वाले माफियाओं को या तो बिहार छोड़कर नेपाल भागना पड़ेगा या फिर उनका सीधे गया में पिंडदान करा दिया जाएगा.
उसी भाषण के दौरान सम्राट चौधरी ने अपनी जाति का जिक्र करते हुए आगे की बात कही थी. उन्होंने जनता से कहा था कि हमारी कुशवाहा जाति में वैसे भी कोई माफिया नहीं होता है. यह बात बिल्कुल साफ है. इसी संदर्भ में उन्होंने आगे कहा था कि अगर समाज के किसी सीधे साधे और बेकसूर कुशवाहा के बेटे को किसी ने छूने की हिम्मत की, तो वे उसके हक के लिए अपनी जान तक दे देंगे. इसके साथ ही उन्होंने आने वाले लोकसभा चुनाव को देखते हुए लोगों से एकजुट होकर एनडीए सरकार बनाने की अपील भी की थी.
अब सवाल यह उठता है कि दो साल पुराने इस वीडियो को अचानक अभी क्यों वायरल किया जा रहा है. दरअसल, इसके पीछे की क्रोनोलॉजी बिहार के ताजा ‘भरत तिवारी एनकाउंटर’ मामले से जुड़ी हुई है. बीती 17 जून को भोजपुर इलाके में पुलिस की गोली लगने से 28 साल के भरत तिवारी की मौत हो गई थी. इस एनकाउंटर को लेकर बिहार में भारी बवाल मचा हुआ है और विपक्ष लगातार सरकार को घेर रहा है. कुछ लोग जानबूझकर मुख्यमंत्री के पुराने बयान को इंटरनेट पर दोबारा शेयर कर रहे हैं, ताकि इसे भरत तिवारी मामले से जोड़कर नया विवाद खड़ा किया जा सके.
इस पूरे मामले को लेकर पुलिस और पीड़ित परिवार के दावों में जमीन आसमान का अंतर है. जहाँ एक तरफ भरत तिवारी का परिवार पुलिस की इस कार्रवाई को सीधे सीधे हत्या बता रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का दावा है कि भरत एक अपराधी था और उसने पुलिस टीम पर गोली चलाई थी. यह एनकाउंटर का मामला इतना बढ़ चुका है कि इसकी गूंज अब देश की सबसे बड़ी अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गई है. इसी गरमाए माहौल के बीच मुख्यमंत्री के पुराने जाति वाले वीडियो को गलत तरीके से पेश करके सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की कोशिश की जा रही है.
