Ayatollah ali khamenei funeral: ईरान के दिवंगत सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में भारत की तरफ से एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा, जिसमें कई राजनीतिक नेताओं के साथ हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई धर्मगुरु शामिल हुए.

Ayatollah ali khamenei funeral: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद तेहरान में आयोजित अंतिम संस्कार में भारत की तरफ से एक बहुत बड़ा और उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल (डेलिगेशन) शामिल हुआ. इस भारतीय दल ने वहाँ पहुंचकर दिवंगत नेता को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस डेलिगेशन की सबसे खास बात यह रही कि इसमें भारत के चारों प्रमुख धर्मों यानी हिंदू, मुस्लिम, सिख और ईसाई मजहब के धर्मगुरु एक साथ शामिल हुए. तेहरान में जब इन नेताओं और धर्मगुरुओं ने खामेनेई को आखिरी सलाम किया, तो वहाँ मौजूद तमाम लोगों की आँखें नम थीं और सब बेहद गमगीन नजर आ रहे थे.
इस आधिकारिक भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व बिहार के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन और विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा ने किया. भारत सरकार की तरफ से इन दोनों बड़े अधिकारियों ने तेहरान पहुंचकर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई. इसके साथ ही भारत की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सलमान खुर्शीद और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती भी इस दुखद मौके पर श्रद्धांजलि देने ईरान पहुंचीं. सभी ने अयातुल्ला अली खामेनेई की तस्वीर के सामने नतमस्तक होकर उन्हें नमन किया.
भारतीय दल के मुखिया और बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए साझा की. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि तेहरान में हुए अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के अंतिम संस्कार समारोह में विदेश राज्य मंत्री पवित्र मार्गेरिटा के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी. इसके साथ ही उन्होंने ईरान और उसके आस पास के इलाकों में चल रहे हालिया संघर्ष में अपनी जान गंवाने वाले आम लोगों के परिवारों के प्रति भी भारत की तरफ से गहरी संवेदना और दुख व्यक्त किया.
वहीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने भी इस मौके पर सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक संदेश लिखा. उन्होंने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के निधन पर दुख जताने और ईरान के लोगों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए तेहरान में होना उनके लिए सम्मान की बात है. महबूबा मुफ्ती ने खामेनेई की तारीफ करते हुए उन्हें एक ऐसा साहसी और सम्मानित नेता बताया, जिन्होंने हमेशा दुनिया की बड़ी ताकतों के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत दिखाई और पीड़ित व कमजोर लोगों के हक के लिए संघर्ष किया.
सुरक्षा और धार्मिक रीति रिवाजों के अनुसार अयातुल्ला अली खामेनेई का यह सार्वजनिक अंतिम संस्कार समारोह 5, 6 और 7 जुलाई को तेहरान और कोम शहरों में आयोजित किया जा रहा है. यहाँ दुनिया भर से आए नेता और आम लोग उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं. इसके बाद 9 जुलाई को उनके पैतृक निवास यानी उनके गृहनगर मशहद में उन्हें पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द ए खाक (दफनाया) किया जाएगा. भारत की तरफ से सभी धर्मों के गुरुओं का एक साथ जाना यह दिखाता है कि भारत संकट और दुख की इस घड़ी में ईरान के साथ मजबूती से खड़ा है.
