Bahraich rape murder case: बहराइच जिले की पॉक्सो कोर्ट ने सात वर्षीय मासूम के साथ दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई है. पुलिस द्वारा आरोप पत्र दाखिल किए जाने के महज एक महीने के भीतर अदालत ने सुनवाई पूरी कर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है. फास्ट ट्रैक कोर्ट के अपर सत्र न्यायाधीश, विशेष न्याधीश पॉक्सो अरविंद कुमार गौतम ने घटना को रेयर ऑफ रेयरेस्ट मानते हुए दोषी को सजा-ए-मौत सुनाई है.
कहां का है पूरा मामला
यह सनसनीखेज वारदात कैसरगंज थाना क्षेत्र के दयालपुरवा गांव में 13 मई को हुई थी. अगले दिन गांव से करीब 500 मीटर दूर झाड़ियों में सात वर्षीय मासूम का गला कटा शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया था. सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए थे.
झाड़ियों में पड़ा मिला था मासूम का शव
मृतक के पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया था कि उनका बेटा गांव के रहने वाले मुकेश निषाद के साथ पड़ोस में आयोजित एक विवाह समारोह में गया था, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटा. अगले दिन सुबह उसका शव झाड़ियों में पड़ा मिला. पुलिस ने तत्काल मामला दर्ज कर जांच शुरू की और संदेह के आधार पर मुकेश निषाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की. पूछताछ में आरोपी ने मासूम के साथ दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर शव झाड़ियों में फेंकने का जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना पूरी करते हुए 22 जून को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया.
मुकेश निषाद को फांसी की सजा
शासकीय अधिवक्ता संत प्रताप सिंह ने बताया कि पॉक्सो कोर्ट के न्यायाधीश अरविंद गौतम ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी मुकेश निषाद को दोषी करार देते हुए उसे फांसी की सजा सुनाई.उन्होंने बताया कि आरोप पत्र दाखिल होने के मात्र एक महीने के भीतर फैसला आना न्यायिक प्रक्रिया की तेज़ी का महत्वपूर्ण उदाहरण है.
