china flat 300 pythons: यह खबर ‘कंटेम्परेरी एनवायरनमेंटल लॉ एंड वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन इन चाइना’ के कानूनी संदर्भ में ताइझोउ शहर के एक फ्लैट से 309 अजगरों की जब्ती, बिजली बिल से हुए खुलासे और आरोपियों को हुई जेल की पूरी कहानी बताता है.

china flat 300 pythons: चीन के झेजियांग प्रांत से एक ऐसी हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है जिसे सुनकर कोई भी दांतों तले उंगलियां दबा ले. यहाँ के ताइझोउ शहर में एक शख्स अपने ही फ्लैट के अंदर चुपचाप 300 से ज्यादा खतरनाक अजगर पाल रहा था. सबसे मजेदार बात यह है कि इस चौंकाने वाले राज का पर्दाफाश किसी मुखबिर या खुफिया जानकारी से नहीं हुआ. बल्कि इसके पीछे बिजली का भारी भरकम बिल और एक मासूम चूहा वजह बना. इस अजीबोगरीब वन्यजीव अपराध और इसके पीछे की कानूनी बारीकियों को समझने के लिए आप ‘कंटेम्परेरी एनवायरनमेंटल लॉ एंड वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन इन चाइना’ (Contemporary Environmental Law and Wildlife Protection in China) नामक किताब के कानूनी और प्रशासनिक नियमों का संदर्भ ले सकते हैं. यह किताब चीन में प्रतिबंधित जीवों को पालने और उनके अवैध व्यापार से जुड़ी सख्त सजाओं के बारे में विस्तार से बताती है.
इस पूरी दिलचस्प कहानी की शुरुआत साल 2024 के मार्च महीने में हुई थी. एक बुजुर्ग व्यक्ति को पहाड़ी रास्ते के पास अचानक एक बेहद अजीब और बड़ा सा सांप रेंगता हुआ दिखाई दिया. बुजुर्ग ने बिना देर किए तुरंत इसकी जानकारी स्थानीय वन्यजीव विभाग को दे दी. जब एक्सपर्ट्स ने मौके पर पहुंचकर जांच की तो पता चला कि वह कोई साधारण सांप नहीं बल्कि एक बड़ा अजगर था. चूंकि उस ठंडे इलाके में अजगर प्राकृतिक रूप से नहीं पाए जाते, इसलिए अधिकारियों को तुरंत शक हो गया कि यह सांप पक्का किसी के घर या फॉर्म से भागकर यहाँ पहुंचा है. पुलिस ने जब एक सांप एक्सपर्ट से बात की तो उसने बताया कि अजगरों को जिंदा रखने के लिए घर में चौबीसों घंटे हीटिंग और ह्यूमिडिटी सिस्टम चलाना पड़ता है. इसके लिए तापमान को हमेशा 20 से 30 डिग्री सेल्सियस रखना होता है, जिससे बिजली का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ जाता है.
बस फिर क्या था, पुलिस ने बिना देर किए उस पूरे इलाके के घरों के बिजली बिलों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया. जल्द ही अधिकारियों की सुई ‘गुओ’ नाम के एक अकेले रहने वाले शख्स के फ्लैट पर जाकर टिक गई. गुओ के पास कोई पक्की नौकरी नहीं थी, लेकिन फिर भी उसके खाली घर का बिजली बिल असामान्य रूप से बहुत ज्यादा आ रहा था. जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि ‘दी’ नाम का एक दूसरा शख्स अक्सर गुओ के घर पार्सल लेकर आता जाता था. जब पुलिस ने कूरियर कंपनी से उन पार्सलों की जांच की तो पता चला कि ऑनलाइन कूरियर के जरिए सफेद चूहे मंगाए जा रहे थे. ये चूहे आमतौर पर पालतू सांपों को भोजन के रूप में खिलाने के लिए ही खरीदे जाते हैं. इसके साथ ही गुओ के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर सांपों की तस्वीरें और उन्हें बेचने से जुड़े कोड वर्ड्स भी पुलिस के हाथ लग गए.
ठोस सबूत मिलते ही जब पुलिस की एक बड़ी टीम ने अचानक गुओ के फ्लैट पर छापा मारा तो अंदर का नजारा देखकर अधिकारियों के भी होश उड़ गए. उस तीन कमरों के फ्लैट का लगभग पूरा हिस्सा रेंगते हुए अजगरों से भरा पड़ा था. एक छोटे से कमरे में गुओ खुद सोता था, जबकि बाकी के दो बेडरूम और पूरा लिविंग रूम सिर्फ सांपों के लिए इस्तेमाल हो रहा था. कमरे के अंदर प्लास्टिक के सैकड़ों डिब्बे एक के ऊपर एक सजाकर रखे गए थे और हर डिब्बे में एक या दो अजगर बंद थे. गिनती करने पर उस फ्लैट से पूरे 309 अजगर बरामद किए गए. गुओ ने पूछताछ में कुबूल किया कि उसे बचपन से ही सांपों का शौक था. उसने साल 2014 में सिर्फ चार अजगरों से शुरुआत की थी और धीरे धीरे ब्रीडिंग कराकर इनकी तादाद सैकड़ों में पहुंचा दी. उसे लगता था कि वह कोई नया जीव बना रहा है.
गुओ की निशानदेही पर पुलिस ने उस दुकानदार ‘देंग’ को भी धर दबोचा जिसने उसे शुरुआती सांप बेचे थे. दंग के घर से भी 47 और अजगर मिले. इस तरह पुलिस ने कुल मिलाकर 436 अजगर जब्त किए, जिनकी कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3 करोड़ युआन यानी सैकड़ों करोड़ भारतीय रुपये के बराबर आंकी गई. चीन के कड़े कानून के तहत अजगर एक संरक्षित वन्यजीव है, जिसे बिना सरकारी लाइसेंस के पालना, बेचना या ट्रांसपोर्ट करना एक गंभीर अपराध माना जाता है. आसपास रहने वाले पड़ोसियों को भी कानों कान भनक नहीं थी कि उनके ठीक बगल वाले कमरे में सैकड़ों सांप पल रहे थे. अंत में स्थानीय अदालत ने गुओ, दी और देंग तीनों को वन्यजीव तस्करी का दोषी पाते हुए जेल की सलाखों के पीछे भेज दिया और इन सभी अजगरों को सुरक्षित रूप से सरकारी चिड़ियाघर में शिफ्ट कर दिया गया.
