datia bjp protest: दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थकों ने भारी हंगामा और चक्काजाम किया, जिस पर डैमेज कंट्रोल करते हुए डिप्टी सीएम ने इसे पारिवारिक मतभेद बताया है जबकि कैलाश विजयवर्गीय ने प्रत्याशी बदलने से साफ मना कर दिया है.

datia bjp protest: मध्य प्रदेश के दतिया में इस समय सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है. विधानसभा उपचुनाव के लिए सीनियर बीजेपी नेता नरोत्तम मिश्रा का टिकट कटने के बाद उनके समर्थक गुस्से से लाल हैं. दतिया में मचे इस भयंकर बवाल के बीच सूबे के डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा डैमेज कंट्रोल करने जमीन पर उतरे हैं. उन्होंने इस पूरे विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए कहा है कि जब कोई परिवार बहुत बड़ा होता है, तो वहां ऐसी छोटी मोटी बातें होना आम बात है. देवड़ा ने दावा किया कि पार्टी के भीतर सब कुछ पूरी तरह सामान्य है और जो भी नाराजगी है, उसे जल्द ही आपस में बैठकर सुलझा लिया जाएगा.
नरोत्तम का टिकट कटने पर भारी बवाल
दरअसल दतिया सीट पर आगामी 30 जुलाई को विधानसभा का उपचुनाव होना है. कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को धोखाधड़ी के एक मामले में सजा मिलने के बाद उनकी सदस्यता रद्द हो गई थी, जिसकी वजह से यह सीट खाली हुई है. बीजेपी ने शुक्रवार को जब इस सीट से आशुतोष तिवारी को अपना उम्मीदवार घोषित किया, तो पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थक भड़क उठे. गुस्साए कार्यकर्ताओं ने लगभग 12 घंटे तक नेशनल हाईवे 44 को पूरी तरह जाम रखा. इस दौरान प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. झड़प में दतिया के एसपी समेत कई पुलिसवाले भी चोटिल हो गए.
कैलाश विजयवर्गीय का दो टूक जवाब
हालात बिगड़ते देख प्रदेश बीजेपी ने फौरन मोर्चा संभाला. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इसी राजनीतिक उथल पुथल को शांत करने के लिए डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को दतिया भेजा गया है. उन्होंने शनिवार को मां पीतांबरा पीठ में पूजा की और स्थानीय नेताओं से मीटिंग की. दूसरी तरफ मध्य प्रदेश सरकार के ताकतवर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने साफ शब्दों में कह दिया है कि बीजेपी अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगी. उन्होंने दोटूक लहजे में कहा कि पार्टी में एक बार टिकट फाइनल होने के बाद उम्मीदवार बदलने का कोई रिवाज नहीं है, इसलिए आशुतोष तिवारी ही चुनाव लड़ेंगे.
इस्तीफों पर बीजेपी की सफाई
बवाल के बीच नरोत्तम मिश्रा ने शनिवार को भोपाल में मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से लंबी मुलाकात की. इस बैठक के बाद संगठन की तरफ से बयान आया कि पार्टी में सभी के लिए संगठन का फैसला सबसे ऊपर होता है. बीजेपी ने नाराज कार्यकर्ताओं द्वारा दिए जा रहे इस्तीफों को महज एक भावनात्मक रिएक्शन बताया है. पार्टी का कहना है कि किसी भी कार्यकर्ता का इस्तीफा मंजूर नहीं किया जाएगा और सभी लोग मिलकर आशुतोष तिवारी को जिताने के लिए मैदान में उतरेंगे. खुद नरोत्तम मिश्रा ने भी अपने समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील की है और कहा है कि वह खुद सोमवार को तिवारी का नामांकन दाखिल करवाने जाएंगे.
कांग्रेस का दांव और शिवसेना का ऑफर
बीजेपी के इस आंतरिक कलह के बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भी अपनी चाल चल दी है. कांग्रेस ने शनिवार को बीजेपी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के सामने पूर्व विधायक घनश्याम सिंह को मैदान में उतार दिया है. वहीं दूसरी तरफ मध्य प्रदेश में राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना (यूबीटी) ने नरोत्तम मिश्रा को अपनी पार्टी से चुनाव लड़ने का खुला ऑफर दे दिया है. शिवसेना के प्रदेश प्रमुख सुनील शर्मा ने कहा कि अगर नरोत्तम मिश्रा उनका प्रस्ताव मान लेते हैं, तो खुद उद्धव ठाकरे उनके चुनाव प्रचार के लिए मध्य प्रदेश आएंगे. बहरहाल, अब देखना होगा कि 3 अगस्त को आने वाले चुनावी नतीजों में दतिया की जनता किसका साथ देती है.
