दिल्ली ACB ने बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर में देरी और लागत में बढ़त आने के कारण अज्ञात अधिकारियों और एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ FIR दर्ज की है. इस परियोजना को साल 2017 तक पूरा होना था.
दिल्ली ACB ने दर्ज की FIR
दिल्ली ACB ने अब बारापुला फेज-3 फ्लाईओवर में ज्यादा देरी के कारण FIR दर्ज की है. यह पूरी कार्रवाई राज्यपाल के आदेश के बाद में अज्ञात अधिकारियों और एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ की गई है. इस FIR को फ्लाईओवर परियोजना में देरी और लागत वृद्धि पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दर्द किया गया है. इस परियोजना को साल 2017 में पूरा होना था.
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम में FIR
इस मामले में FIR को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7A और 13 के तहत दर्ज किया गया है. जानकारी के मुताबिक मामले की जांच में फ्लाईओवर के निर्माण में देरी को बताया गया है, जिसके बाद में ACB ने परियोजना से जुड़े डॉक्यूमेंट्स की जांच को भी शुरू कर दिया है. इस मामले में अक्टूबर 2025 में राज्यपाल ने जांच के आदेश दिए थे.
साल 2011 में मिली थी परियोजना को मंजूरी
यह पूरा मामला 28 जुलाई 2025 में हुई व्यय वित्त समिति (EFC) की बैठक में उठाया गया था. EFC ने गैर-सक्षम अधिकारियों और देरी के ऊपर जांच करने की सिफारिश की थी. इसके साथ ही PWD को ACB को सभी रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश दिए हैं. जानकारी के मुताबिक सराय काले खां में लगभग 3.5 किमी लंबे चार लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर को बारापुला फ्लाईओवर से जुड़ना है. इस पूरी परियोजना को साल 2011 में मंजूरी मिली थी.
साल 2017 तक पूरा होने की थी उम्मीद
दिसंबर साल 2014 में इस परियोजना को लेकर लगभग 1,260.63 करोड़ रुपये की राशि को स्वीकारा गया था. जिसके बाद अप्रैल 2015 में L&T को इसके निर्माण को करने के लिए कहा गया था. इस पूरे प्रोजेक्ट को साल 2017 तक पूरा होना था, लेकिन पेड़ कटाई की अनुमति और विभागीय लापरवाही के कारण इसके निर्माण में देरी हुई थी. अब फिलहाल इसके पूरा होने की उम्मीद जून 2026 तक है. अब तक हुए लगभग 1,238.68 करोड़ खर्च के बाद इसकी नई अनुमानित लागत 1,330 करोड़ रुपये है. इस मामले में फिलहाल FIR दर्ज की गई है और गवर्नर ने जांच का भरोसा दिलाया है.
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