meerut namo bharat rapid rail trial: सराय काले खां से बेगमपुल तक नमो भारत रैपिड रेल का ट्रायल सफल रहा और अब यह सफर सिर्फ 55 से 60 मिनट में पूरा होगा. 22 फरवरी से सराय काले खां से मेरठ के बीच तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवा शुरू हो जाएगी.

meerut namo bharat rapid rail trial: दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा करने वालों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. अब यह सफर पहले से कहीं ज्यादा तेज और आसान होने जा रहा है. 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली मेरठ कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत रैपिड रेल ने सराय काले खां से बेगमपुल तक सफल ट्रायल रन पूरा कर लिया है. इस ट्रायल में ट्रेन ने अपनी पूरी क्षमता दिखाई. अब यात्रियों को दिल्ली से मेरठ पहुंचने में घंटों नहीं लगेंगे. यह सफर महज 55 से 60 मिनट में पूरा हो सकेगा. इससे रोजाना अप डाउन करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलने वाली है.
नमो भारत रैपिड रेल की अधिकतम रफ्तार करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे है. इतनी तेज गति के बावजूद ट्रेन का सफर आरामदायक और सुरक्षित रखा गया है. फिलहाल यह ट्रेन न्यू अशोक नगर से मेरठ तक चल रही है. अब सराय काले खां तक का सेक्शन भी बनकर तैयार हो चुका है. ट्रायल रन के दौरान दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ के पत्रकारों को इस हाई स्पीड यात्रा का अनुभव कराया गया. सभी ने ट्रेन की रफ्तार और सुविधाओं की तारीफ की.
जब ट्रेन बेगमपुल स्टेशन पहुंची तो वहां की आधुनिक व्यवस्था ने सबका ध्यान खींचा. स्टेशन और ट्रेन के कोच पूरी तरह आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं. आरामदायक सीटें दी गई हैं. एयर कंडीशनिंग की सुविधा मौजूद है. यात्रियों की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. डिजिटल सूचना प्रणाली के जरिए हर जानकारी समय पर मिलती है. यह कॉरिडोर रोजाना लाखों यात्रियों के लिए बहुत उपयोगी साबित होगा. खासकर नौकरी पेशा लोग और छात्र इससे सबसे ज्यादा लाभ उठाएंगे.
इस 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में कई बड़े स्टेशन शामिल हैं. इनमें सराय काले खां, न्यू अशोक नगर, आनंद विहार, गाजियाबाद, गुलधर, मुरादनगर, मोदीनगर साउथ, मोदीनगर नॉर्थ, मेरठ साउथ और बेगमपुल या मोदीपुरम शामिल हैं. इन स्टेशनों के जरिए बड़ी आबादी सीधे इस रेल सेवा से जुड़ सकेगी.
अब तक सड़क मार्ग से दिल्ली से मेरठ पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते थे. ट्रैफिक जाम की वजह से समय और बढ़ जाता था. लेकिन नमो भारत रैपिड रेल के शुरू होने से यह दूरी एक घंटे से भी कम समय में पूरी हो जाएगी. 22 फरवरी को प्रधानमंत्री इस सेवा को हरी झंडी दिखाकर औपचारिक रूप से शुरू करेंगे. इसके बाद दिल्ली और मेरठ के बीच यात्रा का अनुभव पूरी तरह बदल जाएगा. यह परियोजना आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के विकास को भी नई रफ्तार देगी.
