DUSU चुनाव के लिए इस बार एक तस्वीर चर्चा में आ चुकी है. एक दिव्यांग छात्र नेत्रहीन हैं, लेकिन पूरे आत्मविश्वास के साथ चुनावी प्रचार कर रहा है. अब छात्र भी नए नेतृत्व की बात कर रहे हैं.
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्रसंघ चुनाव 2026 में इस बार सिर्फ पदों और वोटों का मुकाबला नहीं रह गया है. अब इस चुनाव में एक ऐसा चेहरा सामने आया है, जिसने छात्र राजनीति में प्रतिनिधित्व और बराबरी को लेकर नई बहस छेड़ दी है. कैंपस लॉ सेंटर के छात्र पंकज ढींगरा इस बार DUSU चुनाव के लिए प्रचार कर रहे हैं. आपको बता दें कि वे नेत्रहीन छात्र हैं.
किसी नेत्रहीन छात्र का चुनावी मैदान में उनका उतरना अपने आप में एक बड़ी पहल है. यह दिल्ली विश्वविद्यालय के हजारों दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए एक मजबूत संदेश भी है. पंकज का चुनावी अभियान यह दिखाता है कि नेतृत्व किसी एक वर्ग या शारीरिक क्षमता तक सीमित नहीं हो सकता है.
दिव्यांग छात्रों की चुनौतियां
दिल्ली विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले दिव्यांग छात्र आज भी कई स्तरों पर चुनौतियों का सामना करते हैं. कैंपस में सुविधाओं की उपलब्धता से लेकर शिक्षा, अवसर और प्रतिनिधित्व तक कई ऐसे सवाल हैं, जिन पर अक्सर पर्याप्त चर्चा नहीं होती. ऐसे समय में पंकज का चुनावी मैदान में सक्रिय होना इन मुद्दों को सीधे छात्र राजनीति के केंद्र में ला रहा है.
कैंपस के वास्तविक मुद्दों पर बात
अब DU छात्रों के बीच भी यह चर्चा तेज है कि DUSU की राजनीति को केवल बड़े राजनीतिक नारों और चुनावी समीकरणों से आगे बढ़कर कैंपस के वास्तविक मुद्दों पर बात करनी चाहिए. जानकारी के मुताबिक शिक्षा, रोजगार, फीस, कैंपस सुविधाएं और छात्र अधिकार के साथ दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था जैसे मुद्दे सीधे छात्रों के भविष्य से जुड़े हैं.
आपको बता दें कि DUSU चुनाव के लिए मतदान 18 सितंबर को होगा. वहीं इसके अगले दिन 19 को मतगणना होगी. यह देखना काफी दिलचस्प होगा कि इस बार DUSU अध्यक्ष की कुर्सी पर कौन बैठता है.
