Ganga Expressway Vehicles entry rule: मेरठ से प्रयागराज तक 36,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार गंगा एक्सप्रेसवे की सौगात अब जनता को मिलने जा रही है. मेरठ से प्रयागराज तक 594 किलोमीटर का सफर जहां छह घंटे में तय हो जाएगा. आइए जानते हैं वाहनों से वसूला जाने वाले टोल टैक्स के बारे में….
29 अप्रैल को 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन
मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन आगामी 29 अप्रैल को होना है. इससे पहले खबर यह है कि एंट्री प्वाइंट पर गाड़ियों की डिजिटल एंट्री दर्ज की जाएगी, जिससे पूरी यात्रा ट्रैक की जा सकेगी. जैसे ही वाहन एक्सप्रेसवे से बाहर निकलेगा, सिस्टम अपने आप तय दूरी के आधार पर टोल कैलकुलेट कर लेगा.
120 की स्पीड से दौड़ेंगे वाहन
594 किलोमीटर लंबे इस गंगा एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से वाहन दौड़ाए जा सकेंगे. लड़ाकू विमानों की खास हवाई पट्टी पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई जा सकेगी. हर पंद्रह किलोमीटर में एक पुलिस चौकी होगी.
12 जिलों से गुजरेगा
मेरठ से शुरू होकर इलाहाबाद तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज तक जाएगा. गंगा एक्सप्रेसवे यूपी के 500 गांवों को कवर करेगा.
कितनी होगी टोल नाकों की संख्या
इस पूरे रूट पर कुल 14 मुख्य टोल प्लाजा बनाए गए हैं, जहाँ वाहन की श्रेणी के हिसाब से टैक्स लिया जाएगा. इस एक्सप्रेसवे पर कार वालों को 1515 रुपये, बस और ट्रक वालों को 2405 और हैवी ट्रक पर 9535 रुपये टोल टैक्स एक तरफ से देना होगा. मेरठ और प्रयागराज में दो टोल प्लाजा रहेंगे. 12 टोल प्लाजा बीच में बनेंगे. इन 2 जगह से एक्सप्रेसवे पर वाहन चढ़ेंगे. एक्सप्रेसवे पर दो पहिया वाहनों पर रोक रहेगी. भारी टोल के बावजूद, यह एक्सप्रेसवे मेरठ और प्रयागराज के बीच के सफर को 12-14 घंटे से घटाकर मात्र 6 से 7 घंटे कर देगा.
इस एक्सप्रेसवे की एक और बड़ी खासियत यह है कि यहां टोल प्लाजा पर वाहनों को रुकना नहीं पड़ेगा. अत्याधुनिक सेंसर आधारित सिस्टम के जरिए टोल अपने आप कट जाएगा, जिससे जाम की समस्या खत्म होगी और सफर और भी तेज व सुगम बनेगा. पर्यावरण के लिहाज से एक्सप्रेसवे के किनारे और डिवाइडर में हरियाली के लिए पौधे लगाए गए हैं और लगाए जा रहे हैं. आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए एंबुलेंस सेवाएं रहेंगी. एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ तारों के बाड़ लगाए गए हैं ताकि आवारा पशुओं या अनधिकृत प्रवेश को रोका जा सके. इस सब सुविधाओं के लिए आपको कितनी जेब खाली करनी होगी.
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