Gurugram Power Cut: गुरुग्राम के सेक्टर-72 स्थित 220 KVA के मुख्य बिजली घर का ट्रांसफार्मर अचानक फुंकने से एक साथ 7 सब-स्टेशन बंद हो गए, जिससे सेक्टर-15, 38, 46 और 56 समेत कई इलाकों में घंटों तक भारी ब्लैकआउट रहा.

Gurugram Power Cut: गुरुग्राम में शुक्रवार रात अचानक बड़ा बिजली संकट खड़ा हो गया. शहर के कई इलाकों में एक साथ अंधेरा छा गया. लोगों को गर्मी और उमस के बीच काफी परेशानी झेलनी पड़ी. जानकारी के मुताबिक सेक्टर-72 स्थित मुख्य बिजली घर का बड़ा ट्रांसफार्मर अचानक खराब हो गया. इसके बाद बिजली सप्लाई की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो गई. देखते ही देखते कई बिजली घर बंद हो गए और शहर के अलग-अलग सेक्टरों में बिजली कट गई.
बताया जा रहा है कि सेक्टर-72 का यह बिजली घर 220 केवीए क्षमता का है. यह गुरुग्राम के बड़े हिस्से को बिजली सप्लाई करता है. ट्रांसफार्मर फुंकने के बाद यहां से जुड़ी पूरी लाइन प्रभावित हो गई. इसका असर इतना बड़ा था कि एक साथ 7 बिजली घर बंद पड़ गए. जिन इलाकों में बिजली गई वहां लोगों को देर रात तक इंतजार करना पड़ा. कई जगह लोग घरों से बाहर निकल आए क्योंकि पंखे और एसी बंद हो चुके थे.
बिजली संकट का असर सेक्टर-15, सेक्टर-38, सेक्टर-44, सेक्टर-46, सेक्टर-52 और सेक्टर-56 समेत कई इलाकों में देखने को मिला. इसके अलावा मारुति से जुड़े 66 केवीए बिजली घर की सप्लाई भी प्रभावित हुई. इन इलाकों में कुछ समय के लिए पूरी तरह अंधेरा छा गया. लोगों ने सोशल मीडिया पर भी बिजली कटौती को लेकर नाराजगी जताई. कई लोगों का कहना था कि गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली न होना मुश्किल बढ़ाने वाला रहा.
इस घटना का सबसे ज्यादा असर रैपिड मेट्रो सेवा पर पड़ा. बिजली सप्लाई रुकने की वजह से मेट्रो का संचालन एक घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहा. रोजाना हजारों लोग इस मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करते हैं. अचानक सेवा ठप होने से यात्रियों को भारी परेशानी हुई. कई लोग स्टेशन पर फंसे रहे तो कुछ यात्रियों को बीच रास्ते इंतजार करना पड़ा. ऑफिस से लौट रहे लोगों को देर रात तक दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
बिजली विभाग की टीमों ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत का काम शुरू किया. अधिकारियों के मुताबिक खराब ट्रांसफार्मर को ठीक करने और सप्लाई बहाल करने की कोशिश तेजी से की गई. देर रात कई इलाकों में धीरे-धीरे बिजली वापस आने लगी. हालांकि इस घटना ने शहर की बिजली व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं. लोगों का कहना है कि इतनी बड़ी तकनीकी खराबी से साफ है कि सिस्टम को और मजबूत बनाने की जरूरत है, ताकि भविष्य में ऐसी परेशानी दोबारा न हो.
