Hamirpur bridge collapse: हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे पुल का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने अलग-अलग जांच समितियां बनाई हैं. ये समितियां हादसे के कारण, निर्माण की गुणवत्ता, डिजाइन और सुरक्षा मानकों की जांच करेंगी. हादसा पुल के P-5 और P-6 पिलर के बीच बने सेगमेंटल स्पान के गिरने से हुआ था. मामले में थाना कुरारा में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
सभी पहलुओं की होगी जांच
बेतवा नदी पर निर्माणाधीन पुल का P-5 से P-6 के बीच सेगमेंटल स्पान गिरने से दुर्घटना हुई थी. प्रशासनिक, तकनीकी और निर्माण गुणवत्ता के सभी पहलुओं की गहन जांच होगी. दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संकेत हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर फैसला होगा. इन समितियों ने घटना की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं व्यापक जांच शुरू कर दी है, ताकि भविष्य में इस तरह की पुनरावृत्ति न हो.
सरकार ने की मुआवजे की घोषणा
इस हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई थी. सरकार ने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता दी है. वहीं निर्माण कंपनी ने 10-10 लाख रुपये और श्रम विभाग ने पात्र परिवारों को 1.25 लाख रुपये की अतिरिक्त आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. सरकार का कहना है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. थाना कुरारा में BNS की धारा 106(1) एवं 125(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है.
29 मई को ढहा था निर्माणाधीन पुल
हमीरपुर जिले के ललपुरा थाना क्षेत्र में मोराकंदर गांव से कुरारा क्षेत्र को जोड़ने के लिए लगभग 700 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जा रहा था. बीती 29 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश के दौरान पुल का एक हिस्सा भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए. हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई थी.
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