दुनिया में इन दिनों तेल का संकट मंडरा रहा है, लेकिन भारत ने बांग्लादेश को 5,000 टन डीजल दिया है. यह डीजल दोनों देशों के बीच हुए समझौते के बाद पाइपलाइ के जरिए भेजा गया है.
भारत ने बाग्लादेश को दिया डीजल
बांग्लादेश और भारत के बीच में पाइपलाइन समझौते के तहत अब डीजल की आपूर्ति को शुरू कर दिया गया है. इस समझौते के तहत भारत हर साल लगभग 1,80,000 टन डीजल बांग्लादेश में भेजेगा. यह डीजल पाइपलाइन के जरिए भेजा जाएगा. आपको बता दें कि अब यह आपूर्ति शुरू हो गई है और 5,000 टन की पहली खेप बांग्लादेश में पहुंचा दी गई है.
दोनों देशों के बीच हुआ था समझौता
भारत और बांग्लादेश के बीच यह समझौता दोनों देशों के बीच में ऊर्जा सहयोग को मजबूत करने के लिए किया गया था. इसी समझौते के तहत भारत ने 5,000 टन डीजल बांग्लादेश में पहुंचा दिया है और यह डीजल की पहली खेप है. इस खेप को लेकर बांग्लादेश पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (BPC) के चेयरमैन मोहम्मद रेजानुर रहमान ने पुष्टि की है.
बांग्लादेश को हर साल दिया जाएगा 1,80,000 टन डीजल
इस बारे में जानकारी देते हुए रेजानुर रहमान ने बताया कि हमारा भारत के साथ में एक समझौता हुआ था और उस समझौते का एक हिस्सा 5,000 टन डीजल के रूप में बांग्लादेश पहुंच गया है. उन्होंने बताया कि भारत पाइपलाइन के माध्यम से हर साल बांग्लादेश को 1,80,000 टन डीजल भेजेगा. आपको बता दें कि इस समझौते की शर्तों के मुताबिक बांग्लादेश को शुरुआती 6 महीनों के अंदर कम से कम 90,000 टन डीजल का आयात करना होगा.
मिडिल ईस्ट युद्ध के दौरीन दिया डीजल
आपको बता दें कि भारत से पाइपलाइन की मदद से डीजल सप्लाई बांग्लादेश के लिए काफी सस्ती और समय बचाने वाली डील साबित हो रही है. इस डील से परिवहन लागत में कमी आने के साथ बांग्लादेश के उत्तरी हिस्सों में भी डीजल उपलब्ध होने लगेगा. आपको बता दें कि यह पाइपलाइन परियोजना भारत की नेबरहुड फर्स्ट नीति का एक हिस्सा है. भारत ने बांग्लादेश को डीजल उस समय पर दिया है, जिस दौरान मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण पूरी दुनिया पर तेल का संकट मंडरा रहा है.
