Who is Rajeev Krishna: वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का नया पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है, जिन्होंने 31 मई 2026 को आधिकारिक रूप से यह पदभार संभाल लिया. लंबे प्रशासनिक अनुभव वाले राजीव कृष्ण का कार्यकाल जून 2029 तक रहेगा, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस आधुनिकीकरण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है.

Who is Rajeev Krishna: उत्तर प्रदेश पुलिस को नया पूर्णकालिक डीजीपी मिल गया है. 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को प्रदेश की सबसे बड़ी पुलिस जिम्मेदारी सौंपी गई है. लंबे प्रशासनिक अनुभव और कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने के बाद अब वह यूपी पुलिस की कमान संभालेंगे. राजीव कृष्ण का नाम उन चुनिंदा अधिकारियों में गिना जाता है जिन्होंने जिले से लेकर राज्य स्तर तक कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं. उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण बदलाव और सुधार देखने को मिले. यही वजह है कि उन्हें प्रदेश के शीर्ष पुलिस पद के लिए चुना गया है.
आईपीएस बनने के बाद राजीव कृष्ण ने अपने करियर की शुरुआत सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में की. उन्होंने इलाहाबाद, बरेली, कानपुर और अलीगढ़ जैसे शहरों में एएसपी के तौर पर काम किया. इसके बाद उन्हें अलीगढ़ में एसपी सिटी की जिम्मेदारी मिली. वर्ष 1997 में उन्हें पहली बार किसी जिले की कमान सौंपी गई और वह फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक बनाए गए. इसके बाद उन्होंने इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, नोएडा और आगरा जैसे कई महत्वपूर्ण जिलों में एसएसपी के रूप में सेवाएं दीं. हर जिले में उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए.
राजीव कृष्ण की सबसे बड़ी पहचान यह भी रही कि वह दो बार लखनऊ के एसएसपी रहे. ऐसा करने वाले वह प्रदेश के इकलौते आईपीएस अधिकारी माने जाते हैं. पहली बार उन्हें वर्ष 2006 में राजधानी की जिम्मेदारी मिली. बाद में जब लखनऊ समेत बड़े शहरों में डीआईजी व्यवस्था लागू हुई तो उन्हें दोबारा राजधानी की कमान सौंपी गई. इसी दौरान उनकी कार्यशैली और प्रशासनिक क्षमता की काफी चर्चा हुई. राज्य में आतंकवादी घटनाओं के बाद जब उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी एटीएस का गठन हुआ तो मायावती सरकार ने उन्हें इसका डीआईजी बनाया. उन्होंने एटीएस को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई.
वर्ष 2012 से 2017 तक राजीव कृष्ण केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति पर रहे और सीमा सुरक्षा बल में सेवाएं दीं. यूपी लौटने के बाद उन्हें मुरादाबाद पुलिस अकादमी का एडीजी बनाया गया. बाद में उन्होंने लखनऊ जोन और आगरा जोन के एडीजी के रूप में भी काम किया. वर्ष 2023 में उन्हें विजिलेंस विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद 2024 में पुलिस भर्ती परीक्षा पेपर लीक मामले के बाद सरकार ने पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की कमान उन्हें दी. उनके नेतृत्व में 60 हजार से ज्यादा पदों की भर्ती प्रक्रिया पूरी हुई और बिना किसी बड़े विवाद के परिणाम भी घोषित किए गए.
पिछले वर्ष कार्यवाहक डीजीपी प्रशांत कुमार के सेवानिवृत्त होने के बाद राजीव कृष्ण को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था. एक वर्ष तक इस जिम्मेदारी को संभालने के बाद अब उन्हें उत्तर प्रदेश का पूर्णकालिक डीजीपी नियुक्त किया गया है. 31 मई 2026 को उन्होंने आधिकारिक रूप से यह पद संभाल लिया. उनके पास जून 2029 तक का कार्यकाल बचा हुआ है. ऐसे में आने वाले वर्षों में प्रदेश की कानून व्यवस्था, पुलिस आधुनिकीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उनसे काफी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं. उनकी नियुक्ति को यूपी पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है.
