TMC bjp clash: कोलकाता एयरपोर्ट पर अभिषेक बनर्जी के पहुंचने से पहले टीएमसी और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात घूसे चले और भारी हंगामा हुआ.

TMC bjp clash: कोलकाता एयरपोर्ट पर आज उस वक्त भारी हंगामा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बड़े नेता अभिषेक बनर्जी वहां पहुंचने वाले थे. उनके आने से ठीक पहले एयरपोर्ट के अराइवल गेट पर टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए. दोनों पक्षों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बात लात घूसों तक पहुंच गई. इस अचानक हुई मारपीट से एयरपोर्ट पर अफरा तफरी का माहौल बन गया. हालात को बिगड़ता देख वहां मौजूद पुलिस को तुरंत बीच बचाव के लिए आगे आना पड़ा.
इस पूरे विवाद की शुरुआत एक गंभीर आरोप के साथ हुई. टीएमसी समर्थकों का कहना था कि बीजेपी के कार्यकर्ता वहां एक खास मकसद से जुटे थे. उनका आरोप था कि बीजेपी वाले अभिषेक बनर्जी पर अंडे फेंकने की तैयारी में थे. इसी बात को लेकर दोनों पार्टियों के लोग आमने सामने आ गए. पहले उनके बीच तीखी बहस हुई और देखते ही देखते धक्का मुक्की शुरू हो गई. इसके बाद दोनों तरफ से जमकर लात घूसे चलने लगे.
एयरपोर्ट जैसे संवेदनशील इलाके में इस तरह की हिंसा देखकर प्रशासन तुरंत हरकत में आया. गेट के बाहर जमा हुड़दंगियों को हटाने के लिए पुलिस ने मोर्चा संभाला. पुलिस के जवानों ने सूझबूझ से काम लिया और दोनों गुटों को एक दूसरे से अलग किया. काफी मशक्कत और भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद आखिरकार वहां का माहौल शांत हो सका. राहत की बात यह रही कि इस हंगामे के बीच अभिषेक बनर्जी बिल्कुल सुरक्षित रहे. पुलिस ने उन्हें मुख्य गेट के बजाय किसी दूसरे एग्जिट गेट से बाहर निकाला, जिससे वे बिना किसी रुकावट के वहां से रवाना हो गए.
दरअसल, अभिषेक बनर्जी दिल्ली से वापस कोलकाता लौट रहे थे. वे दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात करने गए थे. इस समय टीएमसी पार्टी के भीतर अंदरूनी कलह चल रही है. पार्टी के करीब 20 सांसदों पर बागी रुख अपनाने का आरोप है. अभिषेक बनर्जी इन्हीं सांसदों की सदस्यता रद्द कराने की मांग लेकर दिल्ली पहुंचे थे. उन्होंने इस मामले में स्पीकर को एक लिखित शिकायत भी सौंपी है, ताकि इन बागी नेताओं पर सख्त कार्रवाई की जा सके.
दिल्ली से लौटकर अभिषेक बनर्जी ने अपनी ही पार्टी के पाला बदलने वाले नेताओं पर तीखा हमला बोला. उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि राजनीति में हार जीत होना एक आम बात है. लेकिन अगर कोई नेता डर की वजह से या पैसों के लालच में आकर मैदान छोड़ता है, या फिर बीजेपी से हाथ मिलाता है, तो ऐसे लोगों के लिए बंगाल में कोई जगह नहीं है. उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर किसी को उनकी इस बात से आपत्ति है, तो वह उन पर केस कर सकता है. वे अदालत में अपनी बात सच साबित करके दिखा देंगे.
