kp sharma oli arrested hospitalized: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को 2025 के ‘Gen-Z’ विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई मौतों के मामले में गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. काठमांडू जिला अदालत ने ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है, जहाँ पुलिस सुशीला कार्की आयोग की रिपोर्ट के आधार पर उनसे पूछताछ करेगी.

kp sharma oli arrested hospitalized: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की तबीयत अचानक बिगड़ गई है. दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. उन्हें त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में इलाज के लिए रखा गया है. डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी हालत पर नजर रख रही है. अस्पताल की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि ओली पहले से कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं. इसी वजह से उनकी सेहत को लेकर डॉक्टर विशेष सावधानी बरत रहे हैं.
अस्पताल के मुताबिक ओली का पहले किडनी ट्रांसप्लांट हो चुका है. इसके अलावा उन्हें कई अन्य बीमारियां भी हैं. उन्हें डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाइपोथायरॉयडिज्म जैसी समस्याएं हैं. डॉक्टरों ने यह भी बताया कि उन्हें एट्रियल फिब्रिलेशन और गॉलस्टोन की परेशानी भी है. इन सभी कारणों से उनकी सेहत पहले से ही नाजुक मानी जाती रही है. फिलहाल डॉक्टर उनकी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और जरूरी इलाज दिया जा रहा है.
दरअसल ओली को एक पुराने मामले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था. यह मामला पिछले साल 9 सितंबर को हुए GEN-Z प्रोटेस्ट से जुड़ा है. उस दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कुछ प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई थी. इसी मामले में ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक के खिलाफ कार्रवाई की गई. नेपाल में बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के करीब 24 घंटे के भीतर यह गिरफ्तारी हुई.
गिरफ्तारी के बाद दोनों नेताओं को अदालत में पेश किया गया. काठमांडू जिला अदालत ने पुलिस को उनसे पूछताछ करने की अनुमति दे दी. अदालत ने दोनों को पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है. इस आदेश को जज आनंद प्रसाद श्रेष्ठ ने जारी किया. पुलिस ने पहले दस दिन की रिमांड की मांग की थी. लेकिन अदालत ने फिलहाल पांच दिन की ही अनुमति दी है.
बताया जा रहा है कि यह मामला आंदोलन के दौरान हुई सख्त कार्रवाई से जुड़ा है. उस समय ओली देश के प्रधानमंत्री थे और रमेश लेखक गृहमंत्री थे. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर कई सवाल उठे थे. मानवाधिकार उल्लंघन और जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग के आरोप लगे थे. इस मामले की जांच के लिए सुशीला कार्की की अगुवाई में एक आयोग बनाया गया था. आयोग की रिपोर्ट में कई अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की गई. इसी आधार पर गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया और दोनों नेताओं को हिरासत में लिया गया. अब पुलिस अगले कुछ दिनों में उनसे विस्तार से पूछताछ करेगी.
