लखनऊ: राजधानी लखनऊ के गोमतीनगर स्थित चर्चित ट्रिपल मर्डर और सुसाइड मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच से कई अहम तथ्य सामने आए हैं. शुरुआती जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रहे तनाव और मनमुटाव की बात सामने आई है। पुलिस का मानना है कि करीब पांच वर्षों से चला आ रहा पारिवारिक तनाव इस खौफनाक घटना की बड़ी वजह हो सकता है. इस मामले में एसबीआई कर्मचारी मानस बाजपेयी ने कथित तौर पर अपनी पत्नी दिव्या मिश्रा और बहन तूलिका की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने खुद को भी गोली मार ली थी.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, तीनों की मौत सिर में गोली लगने से हुई। दिव्या मिश्रा के माथे के पास गोली मारी गई थी, जो सिर के भीतर ही फंसी मिली। रिपोर्ट में सिर में गोली लगने से मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा दिव्या के चेहरे और सिर पर चोट के छह निशान भी पाए गए हैं.
वहीं, मानस की बहन तूलिका के सिर में भी गोली फंसी मिली, जबकि मानस के सिर में लगी गोली आरपार निकल गई थी. पोस्टमार्टम के बाद तीनों का विसरा सुरक्षित रख लिया गया है, जिसे आगे की जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा.
एक ही पिस्टल से हुई तीनों पर फायरिंग
फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई है कि वारदात में एक ही पिस्टल का इस्तेमाल किया गया था. जांच के मुताबिक, मानस ने पहले पत्नी और बहन को गोली मारी और फिर उसी हथियार से खुद को गोली मार ली.
पुलिस ने घटनास्थल से कुल तीन असलहे बरामद किए हैं. इनमें से केवल एक पिस्टल से फायरिंग हुई, जबकि बाकी दो हथियारों का इस्तेमाल नहीं किया गया। मौके से 15 कारतूस और तीन खोखे भी बरामद हुए हैं, जिनकी फॉरेंसिक जांच जारी है.
पांच साल से चल रहा था पारिवारिक तनाव
पुलिस की प्रारंभिक जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से तनाव और मतभेद होने की जानकारी मिली है. हालांकि, तनाव की वास्तविक वजह और घटना से ठीक पहले की परिस्थितियों का पता लगाने के लिए जांच जारी है. पुलिस परिजनों और करीबी लोगों से भी पूछताछ कर रही है.
लॉक आईफोन बनेगा जांच की अहम कड़ी
मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब मानस बाजपेयी के लॉक आईफोन को खोलने की कोशिश कर रही है. जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि फोन से कॉल रिकॉर्ड, मैसेज, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिल सकते हैं. इससे घटना से पहले की परिस्थितियों और मानस की मानसिक स्थिति को समझने में मदद मिलेगी. फिलहाल पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों, हथियारों की जांच और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी हुई है.
