मध्य प्रदेश की राज्यपाल मांगीबाई पटेल के इंदौर में रेंसीडेंसी कोठी में रुकने पर व्यवस्थाओं को पूरा नहीं पाया गया. जिसके बाद में कई अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
कई अधिकारियों को जारी हुआ नोटिस
मध्य प्रदेश से प्रशासन की सख्ती का एक मामला सामने आया है. इंदौर में राज्यपाल के प्रवास के दौरान व्यवस्थाओं में लापरवाही नजर आई, जिसके बाद में प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है. इस मामले में कलेक्टर ने कई अधिकारियों को कारण बताओ का नोटिस जारी किया है. इसी के साथ में रेसीडेंसी कोठी में व्यवस्था देखने वाली फर्म रतन एम्पेरियम की सेवाओं को समाप्त करने लिए भी निर्देश दिए गए हैं.
मांगीबाई पटेल रेसीडेंसी कोठी में रुकी थीं
इस मामले में सेवाएं समाप्त करने के निर्देश देने के साथ में लंबित भुगतान से 20 से 30 प्रतिशत राशि को काटने का भी फैसला किया गया है. दरअसल पूरा मामला 16 फरवरी का है. मध्य प्रदेश की राज्यपाल मांगीबाई पटेल 16 फरवरी की रात में रेसीडेंसी कोठी पर रुकी थीं. इस दौरान व्यवस्थाओं में कमी को लेकर शिकायतें सामने आई थीं. जिसके बाद में यह पूरा एक्शन लिया गया है.
बेडशीट को बदलने के लिए कहा गया था
बताया जा रहा है कि राज्यपाल के OSD ने बेडशीट को बदलने के लिए कहा था, लेकिन व्यवस्था को संभालने वाली फर्म रतन एम्पेरियम के कर्मचारियों ने समय पर बेडशीट को नहीं बदल पाया. जिसके बाद में सुबह के समय निरीक्षण के दौरान किचन में भी स्वच्छता मानकों का पालन सही तरीके से न करना मिला. बताया जा रहा है कि किचन में डस्टबीन खुली हुई थी.
लापरवाही के बाद प्रशासन ने लिया एक्शन
प्रशासन ने बताया कि वीवीआईपी प्रोटोकॉल में काफी ज्यादा कमी देखने को मिली, जिसके बाद में इस मामले को गंभीरता से लिया गया. मामले में कलेक्टर के निर्देश के आधार पर फर्म की सेवाओं को खत्म करने के लिए लोक निर्माण विभाग को आदेश जारी कर दिया गया है. इसके साथ ही लंबित भुगतान से 20 से 30 प्रतिशत की राशि काटने का फैसला किया गया है. इस मामले में लापरवाही के लिए डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, श्रम निरीक्षक, आपूर्ती अधिकारी और सीएमएचओ के साथ सिविल सर्जन को कारण बताओ का नोटिस जारी किया गया है.
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