सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में रहने वाली 21 नाबालिग छात्राओं ने उनके साथ छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत की है. मामले में पुलिस ने जांच करते हुए आरोपी गणपत गवली के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है. मामले में आगे की जांच की जा रही है.
महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शहापूर क्षेत्र से नाबालिग छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. बताया जा रहा है कि यहां एक सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में रहने वाली 21 नाबालिग छात्राओं ने उनके साथ छेड़छाड़ किए जाने की शिकायत की है. शिकायत मिलने के बाद शहापूर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की और आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के तौर पर काम करने वाले गणपत गवली को गिरफ्तार किया है.
पुलिस कर रही मामले की जांच
पुलिस के मुताबिक आश्रमशाला में रहने वाली छात्राओं ने आरोपी के व्यवहार को लेकर शिकायत की थी. शिकायत सामने आने के बाद पुलिस ने छात्राओं से जानकारी जुटाई और मामले की जांच शुरू कर दी. मामले में अब पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटनाएं कब और किन परिस्थितियों में हुईं. मामले में 21 नाबालिग छात्राओं के शिकायतकर्ता होने के कारण पुलिस इस केस को गंभीरता से ले रही है. जांच के दौरान छात्राओं के बयान, मौजूद सबूतों और घटनाक्रम से जुड़े बाकी तथ्यों की जांच की जा रही है.
रसोइए के सहायक पर लगाया गया आरोप
मामले में जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि गणपत गवली आश्रमशाला में रसोइए के सहायक के रूप में काम करता था. छात्राओं ने उसके खिलाफ कथित तौर पर अशोभनीय व्यवहार और छेड़छाड़ की शिकायत की. शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया. हालांकि अभी तक मामले में लगाए गए आरोपों की पूरी तस्वीर पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया के बाद ही साफ होगी.
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
घटना के सामने आने के बाद अब सरकारी आदिवासी आश्रमशाला में छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल भी खड़े हो गए हैं. आवासीय आश्रमशाला में छात्राएं पढ़ाई के साथ परिसर में ही रहती हैं. ऐसे में उनकी सुरक्षा, कर्मचारियों की निगरानी और शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई की जिम्मेदारी प्रबंधन और संबंधित प्रशासन की होती है.
