महाराष्ट्र के सांगली जिले से धार्मिक और दैवीय शक्तियों को बता कर बाबाओं द्वारा यौन शोषण और लूटने का मामला सामने आया है. अंधविश्वास से परेशान एक महिला ने पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि, केवल लड़की ही नहीं बल्कि पूरे परिवार के साथ छल किया गया है. परिवार से लाखों रुपये अंधविश्वास पर लूटे गए है.
पिछले जन्म में नागिन- संकेत निकम नाम
जानकारी के अनुसार, विटा के पाटिल बस्ती में कई दिलों से कडेश्वर धाम अध्यात्म संस्था नाम का आश्रम चलाया जा रहा था. आरोपी बाबा पूजा पाठ और देवी के रुपों को बोल कर लोगों को अपने जाल में फंसाया करता था. इसी का फायदा पीड़िता के साथ में उठाया गया. दरअसल, आरोपियों ने पीड़िता के परिवार वालों को बोला कि लड़की में देवी का वास है. वहीं, संकेत निकम को साधारण व्यक्ति नहीं बल्कि महाकाल और बालूमामा का अवतार बताया. उनका झूठ इतने पर ही नहीं टिका बल्कि उसने पीड़िता को पिछले जन्म में नागिन बताया. वहीं, संकेत निकम को नाम बताया. इसी वजह से दोनों की शादी कराने के लिए बोला. विश्वास और शब्दों के जाल में फंसाकर आरोपी ने पीड़िता के साथ में शारीरिक संबंध बनाए.
वीडियो वायरल कर देने की धमकी
पूजा और हवन के नाम पर आरोपिों ने पीड़िता के परिवार से 5 लाख रुपये ऐंठे, जिसमें से 4 लाख 50 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से लिए. वहीं, 50 हजार नकद के रुप में लिए. शारीरिक संबंध बनाने से मना करने पर पीड़िता को आरोपियों ने धमकाया. उसे वीडियो वायरल कर देने की धमकी दी गई. अंत में पीड़िता ने थक हार कर पुलिस स्टेशन में इसकी शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है.
आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
विटा पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के बाद संकेत संदीप निकम, महेश मोहन बाबर, और सूरज उपाध्ये के खिलाफ में पोक्सो एक्ट, BNS , महाराष्ट्र अंधश्रद्धा और जादू-टोना निवारण अधिनियम 2013 की धारा 3 के तहत में मामले को दर्ज कर लिया है.
दूसरा मामला नाशिक से
हालांकि, एक और मामला सामने आया है, जिसमें ढोंगी बाबाओं ने दो भाईयों की भावनाओं का फायदा उठाकर उनसे लाखों रुपये लूटे है. दरअसल, नाशिक के सोलापुर के रहने वाले दो भाईयों के माता-पिता की अचानक मौत हो गई, जिसकी वजह से वह यूट्यूब के जरिए पाथर्डी फाटा इलाके के रहने वाले ढोंगी बाबा कमलेश के संपर्क में आए.
बाबाओं ने आत्माओं का साया और पिछले जन्म का पाप, माता पिता की मृत्यु के पीछे की वजह बताई. इसके अलावा उनके घर पर भूत का साया और उनकी जान को खतरा बोल लाखों रुपये लूटे. साथ ही त्र्यंबकेश्वर स्थित आश्रम में कैदी बना कर घर के काम करवाएं. मठ के नाम पर दो एकड़ जमीन भी अपने नाम पर करा ली. अत्याचार से परेशान होकर दोनों भाईयों ने अंधश्रद्धा निर्मलन समिति से संपर्क किया और इंदिरापुर पुलिस स्टेशन में कमलेश अधिकारी और उसकी पत्नी के खिलाफ में केस दर्ज करवाया.
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