बालाघाट में मोहन भागवत ने स्मृति भवन और माधव नेत्रालय का लोकार्पण किया. इस दौरान उन्होंने ऐसी बात कह दी, जिसकी चर्चाएं अब तेज हो गई हैं. उन्होंने कहा कि भाषण की जगह काम जरूरी है. कार्य होता रहना चाहिए, क्योंकि भाषण को लोग भूल जाते हैं.
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत मंगलवार को मध्य प्रदेश के बालाघाट पहुंचे थे. यहां उन्होंने जिले के लांजी क्षेत्र के कारंजा गांव में नवनिर्मित स्मृति भवन और माधव नेत्रालय का लोकार्पण किया. इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में नागरिकों सहित संघ के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे. इस दौरान मोहन भागवत ने कार्यक्रम को संबोधित करते कहा कि भाषण जरूरी नहीं है, काम ही जरूरी है.
खत्म हो जाता है भाषण
भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि जहां सीधा काम हो रहा हो, वहां ज़्यादा बोलने की ज़रूरत नहीं होती, इसलिए भाषण ज़रूरी नहीं है काम ही ज़रूरी है. उन्होंने कहा कि भाषण तो खत्म हो जाता है और लोग उसे भूल भी जाते हैं, लेकिन काम हमेशा बना रहता ह
तीसरे सर संघ चालक का किया जिक्र
बालाघाट के कारंजा पहुंचे मोहन भागवत ने अपने संबोधन में तीसरे सर संघ चालक बालासाहेब देवरस और भाऊराव देवरस के जीवन चरित्र पर भी विस्तार से बात की. उन्होंने इस दौरान कहा कि इतने बड़े ओहदे पर रहने का बाद भी देवरस बंधुओं का व्यवहार सामान्य था. उन्होंने जीवन भर राष्ट्र प्रथम की भावना को लेकर कार्य किया.
स्मृति भवन का किया लोकार्पण
उन्होंने कहा कि देवरस बन्धुओं ने पूरी जिंदगी तेरा वैभव अमर रहे मां, हम रहें न रहें दिन चार की भावना के तहत काम किया. उन्होंने कहा कि देवरस बंधुओं की संस्कार की भावना को ध्यान में रखते हुए यहां पर नेत्रालय एवं सेवान्यास स्मृति भवन का लोकार्पण भी किया गया है.
कैप्टन स्मित मछार की भी की तारीफ
इस दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कैप्टन स्मित माछर की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित में भारत की मिट्टी के गुण हैं. उन्होंने कहा कि स्मित माछर ने चाकू के घाव लगने के बाद भी अपने अपनी जिंदगी की परवाह न करते हुए लोगों को बचाया. उन्होंने कहा कि स्मित मच्छार में इस मिट्टी के गुण हैं। इस मिट्टी में जो संस्कृति चली आई है, उसी का गुण है.
