मुंबई की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार एक रेप केस में आरोपी को 4 दिनों की अस्थायी जमानत दी है. कोर्ट ने आरोपी को NEET परीक्षा में शामिल होने के लिए जमानत दी है. हालांकि इस मामले में पीड़िता ने भी अदालत के फैसले का विरोध नहीं किया है.

दुष्कर्म के आरोपी को अस्थायी जमानत
महाराष्ट्र के मुंबई की एक स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने गुरुवार एक आरोपी को 4 दिन की अस्थायी जमानत दी है. बताया जा रहा है कि कोर्ट ने यह जमानत इसलिए दी है, जिससे युवक 21 जून को होने वाली NEET की दोबारा से होने वाली परीक्षा में शामिल हो पाए. आपको बता दें कि कोर्ट के इस फैसले पर दुष्कर्म की पीड़िता ने किसी तरह का विरोध नहीं किया.
परीक्षा में शामिल होने के बाद करेगा सरेंडर
आपको बता दें कि आरोपी को अदालत ने 50,000 रुपए की जमानत राशि की गारंटी पर 4 दिनों की अस्थायी जमानत दी है. साथ ही अदालत ने यह निर्देश दिया है कि वह नीट परीक्षा में शामिल होने के बाद अगले दिन 22 जून को दोपहर में 2 बजे से पहले ही अधिकारियों के सामने सरेंडर कर दे. आपको बता दें कि 18 साल के आरोपी युवक पर दुष्कर्म के तहत केस दर्ज है.
वकील ने दिया अदालत में तर्क
मामले में जानकारी देते हुए आरोपी के वकील कपिल विश्वास जोड़े ने यह तर्क दिया है कि आपराधिक न्याय व्यवस्था का मकसद दोषी अपराधियों और कैदियों के पुनर्वास को सुविधाजनक बनाना है. उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए अवसर मिलना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरोपी को परीक्षा तैयारी के लिए समय चाहिए, क्योंकि पुलिस सुरक्षा में उसकी मानसिक स्थिति प्रभावित हो सकती है.
22 जून को करना होगा सरेंडर
आपको बता दें कि इस मामले में अदालत के फैसले पर पीड़िता ने भी किसी तरह से विरोध नहीं किया है. आरोपी को निर्देश दिए गए हैं कि 21 जून को वह नीट परीक्षा में शामिल होने के बाद 22 जून को 2 बजे से पहले ही अधिकारियों के सामने सरेंडर करेगा. अदालत ने आरोपी को 50,000 रुपए की जमानत राशि की गारंटी पर 4 दिनों की अस्थायी जमानत दी है.
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