NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने री नीट परीक्षा के बाद नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है, जिसमें 11.21 लाख छात्र पास हुए हैं और लड़कियों ने लड़कों को पीछे छोड़ दिया है.

NEET UG 2026: लाखों छात्रों का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी एनटीए (NTA) ने गुरुवार देर शाम नीट यूजी 2026 (NEET UG) का रिजल्ट जारी कर दिया है. इस बार देश और विदेश को मिलाकर करीब 20 लाख छात्रों ने यह परीक्षा दी थी, जिसमें से 11 लाख 21 हजार छात्र क्वालिफाई हुए हैं. आपको बता दें कि इस साल पेपर लीक होने के बवाल के बाद इस परीक्षा को दोबारा यानी री नीट कराया गया था. अब नतीजा समय पर आने से देश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन और काउंसलिंग का रास्ता साफ हो गया है. छात्र अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर देख सकते हैं.
लड़कियों ने फिर मारी बाजी
इस साल के नतीजों में एक बार फिर लड़कियों ने अपना परचम लहराया है. परीक्षा पास करने वाले कुल उम्मीदवारों में से 58 प्रतिशत से ज्यादा लड़कियां हैं. सफलता के मामले में भी लड़कियों का ग्राफ लड़कों से बेहतर रहा है. परीक्षा में शामिल होने वाली कुल लड़कियों में से 56.8 प्रतिशत लड़कियां पास हुईं, जबकि लड़कों का पासिंग प्रतिशत 55.1 रहा. यह आंकड़े साफ बताते हैं कि डॉक्टर बनने की रेस में देश की बेटियां लड़कों से आगे निकल रही हैं.
पंजाब और हरियाणा के सूरमाओं ने किया टॉप
इस बार टॉपर लिस्ट में पंजाब और हरियाणा के लड़कों ने बाजी मारी है. पूरे देश में सबसे ज्यादा 715 नंबर लाकर पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से पहला स्थान पाया है. इस बार कुल 19 छात्रों ने 700 से ज्यादा नंबर हासिल किए हैं. वहीं, 138 ऐसे होनहार छात्र हैं जिन्होंने 720 में से 690 से अधिक नंबर पाए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 93 प्रतिशत छात्र ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार में ही यह परीक्षा पास की है.
उत्तर प्रदेश से सबसे ज्यादा छात्र पास
अगर राज्यों के हिसाब से देखें तो देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से छात्रों ने इस परीक्षा को पास किया है. हमेशा की तरह इस बार भी सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के 1.7 लाख से अधिक छात्र क्वालिफाई हुए हैं. वहीं लक्षद्वीप जैसे छोटे द्वीप से भी 43 बच्चों ने बाजी मारी है. छोटे राज्यों के टॉपर्स की बात करें तो लद्दाख की जिग्मेट यांगचेन लामो ने 530 अंक, अंडमान के ध्रुव त्रिपाठी ने 606 अंक और लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस ने 573 अंक पाकर अपने माता पिता का नाम रोशन किया है.
फर्जीवाड़े और दलालों से रहें सावधान
नीट की यह परीक्षा देश की 13 क्षेत्रीय भाषाओं में आयोजित की गई थी. एनटीए ने रिजल्ट जारी करने के साथ ही सभी छात्र छात्राओं और उनके माता पिता को एक जरूरी सलाह भी दी है. एजेंसी ने कहा है कि मेडिकल सीटों पर एडमिशन दिलाने के नाम पर आजकल बहुत धोखाधड़ी होती है. कई फर्जी लोग कॉल या मैसेज करके पैसे मांगते हैं. एनटीए कभी भी सीट दिलाने के नाम पर किसी से पैसे या पर्सनल जानकारी नहीं मांगती, इसलिए ऐसे दलालों के झांसे में बिल्कुल न आएं.
