foreign nationals drone training: NIA ने म्यांमार के सशस्त्र समूहों को ड्रोन और युद्ध की ट्रेनिंग देने वाले एक अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा करते हुए 7 विदेशी नागरिकों (1 अमेरिकी, 6 यूक्रेनी) को गिरफ्तार किया है. जांच में सामने आया है कि ये लोग टूरिस्ट वीजा पर भारत आकर अवैध रूप से म्यांमार के चिन स्टेट में विद्रोहियों को आधुनिक सैन्य तकनीक सिखा रहे थे.

foreign nationals drone training: राष्ट्रीय जांच एजेंसी राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा किया है. इस नेटवर्क पर आरोप है कि यह म्यांमार में सक्रिय हथियारबंद समूहों को ड्रोन और युद्ध से जुड़ी ट्रेनिंग दे रहा था. यह मामला 13 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था. गृह मंत्रालय के निर्देश पर जांच शुरू हुई. शुरुआती जांच में ही इसे देश की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा माना गया.
जांच के दौरान अलग-अलग एयरपोर्ट से सात विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया. इनमें एक अमेरिकी और छह यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं. इन लोगों को दिल्ली, कोलकाता और लखनऊ के एयरपोर्ट से हिरासत में लिया गया. बताया जा रहा है कि ये लोग कुआलालंपुर जाने की तैयारी में थे. कोर्ट ने सभी को 27 मार्च 2026 तक NIA की हिरासत में भेज दिया है. इसके अलावा एजेंसियां आठ और यूक्रेनी नागरिकों की तलाश कर रही हैं.
इस कार्रवाई के बाद यूक्रेन ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. यूक्रेन के दूतावास ने कहा कि उसके नागरिकों की गिरफ्तारी चिंता का विषय है. उसने यह भी आरोप लगाया कि यह कार्रवाई रूस की जानकारी के आधार पर हो सकती है. यूक्रेन ने आतंकवाद से जुड़े आरोपों को खारिज किया. साथ ही भारत से निष्पक्ष जांच की मांग की है. उसने कहा कि वह हर तरह के आतंकवाद के खिलाफ है और भारत के साथ सहयोग करना चाहता है.
जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क काफी संगठित तरीके से काम कर रहा था. करीब 14 यूक्रेनी नागरिक अलग-अलग समय पर भारत आए. वे टूरिस्ट वीजा पर आए थे, लेकिन बाद में अवैध तरीके से म्यांमार के चिन स्टेट में पहुंच गए. वहां उन्होंने एथनिक आर्म्ड ग्रुप्स को ड्रोन चलाने, निगरानी करने और युद्ध तकनीक की ट्रेनिंग दी. इसमें ड्रोन असेंबली और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का इस्तेमाल भी शामिल था.
NIA के मुताबिक, यह लोग यूरोप से ड्रोन लाकर भारत के रास्ते म्यांमार तक पहुंचा रहे थे. इन ड्रोन का इस्तेमाल सशस्त्र समूह कर सकते थे. इससे भारत के पूर्वोत्तर इलाकों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ सकता था. एजेंसियों ने आरोपियों के मोबाइल जब्त किए हैं. इनकी जांच से नेटवर्क और फंडिंग से जुड़ी जानकारी मिल सकती है. पहले भी मिजोरम में विदेशी नागरिकों की गतिविधियों को लेकर चिंता जताई गई थी. अब इस पूरे मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है.
