Odisha Rain Alert: इस खबर में जानिए ओडिशा में भारी बारिश और बाढ़ से बिगड़े हालात, 2.37 लाख लोगों के रेस्क्यू, रेड अलर्ट और प्रशासन द्वारा उठाए गए बड़े कदमों का पूरा अपडेट.

Odisha Rain Alert: ओडिशा में कुदरत की मार से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने राज्य के कई जिलों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति पैदा कर दी है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई इलाकों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका जताते हुए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. बिगड़ते हालात को देखते हुए राज्य सरकार पूरी तरह मुस्तैद हो गई है. प्रशासन ने अब तक 2.37 लाख से ज्यादा प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों तक पहुँचाया है.
अगले 3 दिनों तक भारी बारिश का संकट, डिप्रेशन में बदलेगा सिस्टम
राज्य की मुख्य सचिव अनु गर्ग ने स्थिति की समीक्षा के बाद बताया कि मौसम विभाग ने 16 से 18 अगस्त तक राज्य में बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया है. उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र और ज्यादा मजबूत हो गया है, जिसके अगले 24 घंटों में गहरे डिप्रेशन में बदलने की पूरी संभावना है. इस चक्रवाती तंत्र की वजह से राज्य के उत्तरी जिलों में बाढ़ का खतरा और ज्यादा गहरा गया है.
5 लाख से अधिक आबादी प्रभावित, बनाए गए 293 राहत शिविर
इस भयंकर प्राकृतिक आपदा ने राज्य के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया है. वर्तमान में 49 ब्लॉकों की 331 ग्राम पंचायतों और 5 शहरी क्षेत्रों के 947 गांवों में पानी भर चुका है, जिससे 5.15 लाख से भी ज्यादा लोग सीधे तौर पर प्रभावित हुए हैं. बेघर और संकट में फंसे लोगों को आश्रय देने के लिए प्रशासन ने 293 राहत शिविर स्थापित किए हैं, जहाँ लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था की जा रही है.
सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द, मोर्चे पर तैनात हुए सीनियर अफसर
हालात की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी गई हैं और उन्हें बिना देरी के अपनी ड्यूटी पर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया गया है. सबसे ज्यादा प्रभावित जिलों—बालासोर, भद्रक और जाजपुर में राहत कार्यों की सीधी निगरानी के लिए तीन वरिष्ठ IAS अधिकारियों को भेजा गया है. इसके अलावा नदियों के तटबंधों की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त इंजीनियरों को भी मैदान में उतारा गया है.
जमीन पर उतरीं 90 रेस्क्यू टीमें, राहत कार्य तेज
बाढ़ के खतरे का सामना कर रहे क्षेत्रों में लोगों की जान बचाने के लिए बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए कुल 90 टीमों को तैनात किया गया है. इनमें ओड्राफ (ODRAF) की 36, एनडीआरएफ (NDRF) की 7 और अग्निशमन सेवा (Fire Services) की 47 टीमें शामिल हैं. ये टीमें दिन-रात पानी में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और जरूरी राहत सामग्री पहुँचाने के काम में जुटी हुई हैं.
नदियाँ उफान पर, समुद्र में न जाने की दी गई सख्त चेतावनी
लगातार बारिश के चलते बैतरणी, ब्राह्मणी, सालंदी, जलका और बूढ़ाबलंग नदियाँ उफान पर हैं और खतरे के निशान के पास बह रही हैं. इसकी वजह से बालासोर, भद्रक, जाजपुर, मयूरभंज और क्योंझर जिलों में स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है. मौसम विभाग ने 16 से 18 अगस्त के दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल और उत्तरी आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में समुद्र में न जाने की मछुआरों को सख्त सलाह दी है, क्योंकि समुद्र में तेज हवाओं के साथ ऊंची लहरें उठने की आशंका है.
