भारत में कई लोग ऐसे हैं जो तुरंत कुछ भी होने पर डॉक्टर की सलाह लिए बिना पेन किलर खा लेते हैं. कभी-कभार तो वह उस दवाई को अपनी हमेशा की आदत बना लेते हैं. उन्हें शुरूआत में तो दर्द से राहत मिलती है लेकिन बाद में पता नहीं होता है कि धीरे-धीरे वह उनके शरीर को अंगों को अंदर से खराब कर रही है. बात करें उन अंगों की जिन पर ज्यादा असर देखने को मिलता है. उनमें किडनी, लिवर और हार्ट जैसे अंग शामिल है.
बात करें लिवर एवं किडनी की तो यही हमारे शरीर से गंदगी और दवाओं को बाहर निकालने में मदद करती है. हालांकि, बार-बार सेवन करने से लोगों के इन अंगों पर असर ज्यादा देखा गया है. लोगों को भले ही शुरू में इनके दर्द से निवारण मिल जाता है लेकिन आगे चलकर वह उनके शरीर में गंभीर बीमारियों को पैदा करने की वजह बन जाते हैं.
क्यों होते हैं खतरनाक ये
पेन किलर सूजन और दर्द को कम करते हैं. जब व्यक्ति इन्हें ज्यादा दिन के लिए लेता है तो किडनी के ब्लड वेसल्स पर असर देखने को मिलता है. धीरे-धीरे किडनी में खून को फिल्टर करने की क्षमता कम हो जाती है. लिवर दवाओं को तोड़ कर शरीर से बाहर निकाल देता है. पेन किलर को बार-बार लेने से लिवर पर ज्यादा दबाव लगने लगता है. इससे लिवर की कोशिकाओं में दिक्कत आ जाती है. अधिकतर केस में तो फैटी लिवर और लिवर एंजाइम के बढ़ जाने से प्राबल्म होने लगती है. वह लोग जो पहले ही इन बीमारियों से गुजर रहे हैं. उनमें इन बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इनका इतना ज्यादा खतरनाक होने का कारण यह है कि लोगों को आसानी से हर मेडिकल स्टोर पर मिल जाता है. जब भी कोई व्यक्ति इन्हें खाता है तो वह उनके पेट में गल के पूरे ब्लड में मिल जाती है. वह उन जगहों पर अटैक करके उन्हें ठीक कर देती है, जहां पर सूजन थी. हालांकि यह सुनने में आसान लगता है लेकिन इस प्रक्रिया के कारण लिवर पर काफी जोर पड़ता है.
कैसे जानें इनके खराब होने के लक्षण
शरीर में पेन किलर के कारण अगर आप के इन दोनों अंगों पर फर्क पड़ रहा है. तो आपको पहले ही इनके संकेत मिल जाएंगे. आपके पैरों में सूजन, बार-बार थकान, पेशाब के रंग में बदलाव साथ ही कम होना. ये सभी किडनी से जुड़ी समस्याओं पर देखने को मिलती है. वही, अगर आपका लिवर खराब है तो ऐसे में आपको भूख कम लगेगी, पेट के ऊपरी भाग में दर्द महसूस होगा, त्वचा में पीलापन दिखेगा. हालांकि, कई बार बिना किसी दर्द के भी लिवर अंदर से खराब होता रहता है. तो ऐसे में इन लक्षणों को अनदेखा न करें.
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यहां पर दी गई जानकारी विशेषज्ञ और रिसर्च पर है. किसी भी चीज की सलाह लेने से पहले डॉक्टरों की सलाह लें. इसको मेडिकल सलाह के रूप में न लें.
