pushkar singh dhami west bengal hingalganj parivartan yatra: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पश्चिम बंगाल के हिंगलगंज से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत कर ममता सरकार पर तुष्टिकरण और खराब कानून-व्यवस्था को लेकर हमला बोला. उन्होंने युवाओं, महिलाओं की सुरक्षा, घुसपैठ और विकास के मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार बनने पर सुशासन का भरोसा दिलाया.

pushkar singh dhami west bengal hingalganj parivartan yatra: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी गुरुवार को पश्चिम बंगाल दौरे पर पहुंचे. उन्होंने हिंगलगंज विधानसभा क्षेत्र से परिवर्तन यात्रा की शुरुआत की. इस मौके पर जनसभा और रोड शो का आयोजन हुआ. बड़ी संख्या में लोग उन्हें सुनने के लिए पहुंचे. सभा में उत्साह का माहौल दिखा. धामी ने मंच से अपने संबोधन में कहा कि सनातन मूल्यों की रक्षा के लिए वे हमेशा प्रतिबद्ध हैं. उन्होंने कहा कि सनातनी हिंदू कभी डरता नहीं है और सत्य व राष्ट्र के लिए खड़ा रहता है. उनके इस बयान पर भीड़ ने जोरदार समर्थन जताया.
मुख्यमंत्री धामी ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनकी सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि राज्य में तुष्टिकरण की राजनीति ने विकास की रफ्तार को रोक दिया है. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं को कर्मवीर बनाने के बजाय भत्तों पर निर्भर किया जा रहा है. इससे उनके भविष्य पर असर पड़ रहा है. धामी ने कहा कि राज्य आर्थिक संकट से जूझ रहा है और करोड़ों के कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है.
उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाए. कहा कि मातृशक्ति खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रही है. सरकारी कर्मचारियों को समय पर उनका हक नहीं मिल पा रहा है. डीए और महंगाई भत्ते के भुगतान में देरी हो रही है. शिक्षा व्यवस्था पर भी उन्होंने चिंता जताई. कहा कि हजारों स्कूल बंद होने से आने वाली पीढ़ी का भविष्य प्रभावित हो रहा है.
धामी ने सीमा पार से अवैध घुसपैठ का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने कहा कि इस गंभीर विषय पर राज्य सरकार की चुप्पी समझ से परे है. उन्होंने दावा किया कि अगर पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनी तो अराजकता खत्म की जाएगी. राज्य में सुशासन और विकास की नई शुरुआत होगी. भाजपा के लिए राष्ट्र प्रथम सर्वोच्च सिद्धांत है. इसी सोच के साथ पार्टी आगे बढ़ रही है.
मुख्यमंत्री धामी ने अपने उत्तराखंड में लिए गए फैसलों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि समान नागरिक संहिता को लागू कर राज्य ने नई मिसाल पेश की है. उत्तराखंड में धर्मांतरण के खिलाफ सख्त कानून बनाए गए हैं. अवैध मदरसों और अतिक्रमण पर कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि यही निर्णायक नेतृत्व आज राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है. इसी कारण अन्य राज्यों में भी लोग उनके विचार सुनना चाहते हैं.
