qatar slams israel lebanon military action: कतर ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई और वहां बफर जोन बनाने की योजना की कड़ी निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है. कतर के विदेश मंत्रालय ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ बढ़ता टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य में अस्थिरता पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकती है.

qatar slams israel lebanon military action: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच कतर ने इजरायल की कड़ी आलोचना की है. कतर का कहना है कि इजरायल की सैन्य कार्रवाई क्षेत्र में हालात को और ज्यादा खराब कर रही है. कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल-अंसारी ने मंगलवार को बयान देते हुए कहा कि लेबनान में इजरायल की सैन्य घुसपैठ और वहां बफर जोन बनाने की बात अंतरराष्ट्रीय कानून का साफ उल्लंघन है. उनका कहना है कि किसी भी देश की संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी होता है. अगर ऐसा नहीं किया जाता तो इससे पूरे इलाके की शांति और स्थिरता पर खतरा बढ़ जाता है.
माजिद अल-अंसारी ने साफ कहा कि लेबनान की सीमाओं और उसकी स्वतंत्रता का सम्मान किया जाना चाहिए. किसी भी देश की जमीन पर इस तरह की सैन्य कार्रवाई सही नहीं मानी जा सकती. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस तरह की गतिविधियां जारी रहीं तो पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव और ज्यादा बढ़ सकता है. उनका मानना है कि ऐसी स्थिति में आम लोगों को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ता है. इसलिए सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए.
कतर ने यह भी बताया कि वह हालात को शांत करने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है. कतर कई अंतरराष्ट्रीय साझेदार देशों के साथ संपर्क में है. उनका मकसद यही है कि बातचीत के जरिए तनाव को कम किया जाए. कतर का कहना है कि युद्ध या सैन्य कार्रवाई से समस्या का समाधान नहीं निकलता. असली समाधान केवल बातचीत और कूटनीति के जरिए ही संभव है. अगर सभी पक्ष बातचीत की मेज पर आएंगे तो हालात बेहतर हो सकते हैं.
इसी दौरान माजिद अल-अंसारी ने ईरान से जुड़े मुद्दे पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि हाल के हमलों में कई ऐसी सीमाएं पार कर दी गई हैं जिन्हें ‘रेड लाइन’ माना जाता है. उनका कहना है कि ऐसी कार्रवाइयां पूरे क्षेत्र की शांति के लिए खतरा बन सकती हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान इस क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण पड़ोसी देश है. इसलिए उसके साथ टकराव बढ़ाने के बजाय मिलकर समाधान निकालने की कोशिश करनी चाहिए.
कतर ने होर्मुज जलडमरूमध्य के मुद्दे पर भी चिंता जताई. यह समुद्री रास्ता दुनिया के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. यहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की सप्लाई होती है. साथ ही वैश्विक व्यापार का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है. कतर का कहना है कि अगर इस क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है तो उसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है. इसलिए कतर ने सभी देशों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और बातचीत के जरिए समाधान तलाशें.
