Greater Noida Engineer death Case: ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत ने पूरे देश को हिलाक कर रख दिया है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी ने संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए. शुक्रवार को SIT ने करीब 8 घंटे तक SDRF, दमकल विभाग, डिजास्टर मैनेजमेंट, नोएडा अथॉरिटी और जिला प्रशासन के अधिकारियों से पूछताछ की.
सवालों के घेरे में अथॉरिटी और संबंधित विभाग
SIT की जांच का फोकस अब सिर्फ बिल्डरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नोएडा अथॉरिटी और संबंधित विभागों की जिम्मेदारी भी सवालों के घेरे में है. SIT के अध्यक्ष ADG भानु भास्कर, मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और PWD चीफ इंजीनियर अजय वर्मा ने CP लक्ष्मी सिंह, DM मेधा रूपम, ACEO कृष्ण करुणेश और ACEO सतीश पाल से जवाब तलब किए हैं. SIT ने SDRF की उस पूरी टीम से भी पूछताछ की, जो मौके पर रेस्क्यू के लिए पहुंची थी, साथ ही घटनास्थल पर मौजूद पुलिस टीम से भी सवाल-जवाब हुए.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, एसआईटी की जांच का मुख्य फोकस घटना के समय की परिस्थितियों पर रहा. टीम ने कंट्रोल रूम के रिकॉर्ड्स, फील्ड स्टाफ की मौजूदगी और विभागों के बीच आपसी समन्वय की कमी से जुड़े दस्तावेजों को जब्त किया गया है. अधिकारियों से पूछा गया है कि सूचना मिलने के बाद रिस्पांस टाइम क्या था और युवराज को बचाने के प्रयासों में कहां चूक हुई?
आज सौंप सकती है SIT अपनी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक नोएडा अथॉरिटी के संबंधित विभाग आज SIT को 7 बिंदुओं पर विस्तृत जवाब सौंपे सकती है. इनमें डिजास्टर मैनेजमेंट की रिपोर्ट, रिस्पॉन्स टाइम, कंट्रोल रूम और फील्ड स्टाफ के बीच समन्वय, सड़क, पानी, सीवर जैसी सुविधाओं की स्थिति, प्लॉट आवंटन की प्रक्रिया और युवराज की मौत से पहले हुई ट्रक दुर्घटना के बाद क्या सावधानी बरती गई जैसे सवाल शामिल हैं. जांच के दौरान SIT दो बार घटनास्थल पर गई और तीन बार नोएडा प्राधिकरण में बैठकर संबंधित विभागों से पूछताछ कर चुकी है. अब पूरे देश की नजर SIT की रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है.
क्या हुई थी प्रशासिक कार्रवाई
योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी को पद से हटा दिया है. इससे पहले ट्रैफिक सेल के अवर अभियंता नवीन कुमार को भी तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जा चुका है.
कब हुआ हादसा?
यह हादसा 16 जनवरी की देर रात ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-150 में हुआ. युवराज की तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर निर्माणाधीन ड्रेनेज/बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में जा गिरी. बताया जा रहा है कि गड्ढा करीब 70 फीट गहरा था, जिसमें लगभग 30 फीट तक पानी भरा हुआ था. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद युवराज करीब दो घंटे तक कार के ऊपर खड़ा रहकर मदद की गुहार लगाता रहा. उसने अपने पिता को फोन कर आखिरी बार कहा कि मुझे बचा लो. लेकिन रेस्क्यू में देरी और पानी का स्तर बढ़ने के कारण कार धीरे-धीरे डूबती चली गई और आखिरकार युवराज की मौत हो गई.
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