sri lanka fuel price hike: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण श्रीलंका सरकार ने ईंधन की कीमतों में 25% तक की भारी बढ़ोतरी की है, जिससे पेट्रोल ₹398 और डीजल ₹382 प्रति लीटर तक पहुंच गया है. इस फैसले से देश में 2022 जैसे आर्थिक संकट और महंगाई के दोबारा लौटने का खतरा मंडराने लगा है.

sri lanka fuel price hike: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव का असर अब दूसरे देशों पर भी साफ दिखने लगा है. इसका सबसे बड़ा असर श्रीलंका में देखने को मिला है. यहां सरकार ने ईंधन की कीमतों में अचानक करीब 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी कर दी है. यह एक हफ्ते में दूसरी बार और 1 मार्च के बाद तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं. तेल की सप्लाई पर असर और खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण यह फैसला लिया गया है.
नई कीमतों के बाद श्रीलंका में पेट्रोल और डीजल बहुत महंगे हो गए हैं. ऑटो डीजल 303 रुपये से बढ़कर 382 रुपये प्रति लीटर हो गया है. सुपर डीजल 353 से बढ़कर 443 रुपये पहुंच गया है. पेट्रोल 92 ऑक्टेन 317 से बढ़कर 398 रुपये और 95 ऑक्टेन 365 से बढ़कर 455 रुपये प्रति लीटर हो गया है. केरोसिन की कीमत में भी 30 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है. इससे आम लोगों पर बड़ा असर पड़ा है.
इन बढ़ी हुई कीमतों के बाद हालात 2022 जैसे नजर आने लगे हैं. उस समय श्रीलंका को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था. देश को डिफॉल्ट घोषित करना पड़ा था और बड़े प्रदर्शन हुए थे. अब फिर से महंगाई बढ़ने का खतरा है. खासकर पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर इसका सीधा असर दिख रहा है. बस ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि अगर किराया नहीं बढ़ाया गया तो ज्यादातर बसें बंद हो सकती हैं.
बस मालिकों ने कम से कम 15 प्रतिशत किराया बढ़ाने की मांग की है. वहीं ट्रांसपोर्ट विभाग के अनुसार डीजल की नई कीमतों के हिसाब से किराया 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ सकता है. सरकार जल्द इस पर फैसला ले सकती है. ईंधन महंगा होने से देश में महंगाई 5 से 8 प्रतिशत तक बढ़ने की आशंका है. सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे ईंधन और बिजली का इस्तेमाल सोच-समझकर करें और जमाखोरी से बचें.
वहीं विपक्ष ने सरकार के इस फैसले की आलोचना की है. उनका कहना है कि टैक्स कम करके लोगों को राहत दी जानी चाहिए. रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल पर 119 रुपये और डीजल पर 93 रुपये प्रति लीटर टैक्स लिया जा रहा है. विपक्ष का मानना है कि यही टैक्स कीमतों को और बढ़ा रहा है. कुल मिलाकर, बढ़ती कीमतों ने श्रीलंका की जनता के सामने एक बार फिर मुश्किल हालात खड़े कर दिए हैं.
