बिहार के सुपौल प्रखंड से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सभी को चौंका कर रख दिया है. दरअसल, यहां पर एक युवती को उसके अपनों ने ही मौत के हवाले कर दिया था. तो वहीं, पराए लोगों ने उसकी जान को बचाया है. अपनी जान की परवाह किए बिना ही दोनों युवकों ने युवती की जान बचाई है. एक जूनियर इंजीनियर है. तो दूसरा मजदूर है. अगर समय रहते नजर नहीं पड़ती तो लड़की की मौत निश्चित थी.
दरअसल, युवती को उसके सगे मामा और बहनोई ने कोसी नदी में धकेल दिया था. नदी का पानी उफान पर था, जिसमें युवती डूब रही थी. वह बचाओ-बचाओ बोल मदद की गुहार लगा रही थी. दोनों युवक उस समय ड्यूटी पर तैनात थे. रात में वह जैसे ही खाना खाकर निकले, युवती की मदद की आवाज सुनाई दी. इंजीनियर ने बिना किसी देरी के टार्च लेकर युवती की जगह को देखा और तुरंत छलांग लगा ली. कड़ी मशक्कत के बाद में युवती को सुरक्षित बाहर निकाला गया.
युवती की पहचान सदर प्रखंड लथनिपट्टी की आशा के रूप में की गई है. वह एक युवक से प्रेम करती थी, लेकिन परिवार वालों के कारण वह एक नहीं हो पाए. परिवार ने एक महीने पहले दूसरे युवक से उसकी शादी करा दी थी. वह अपने पति के साथ में नहीं रहना चाहती थी. वह केवल अपने प्रेमी के संग में रहना चाहती थी. इसी कारण से उसके मामा और घरवाले गुस्से में थे. उन्होंने प्रेमी से मिलवाने का झांसा देकर युवती को कोसी नदीं के पास ले जाकर धक्का दे दिया. हालांकि, वह किसी तरीके से तटबंध के स्पर पर पहुंच गई और मदद के लिए आवाज लगाने लगी, जिसके बाद युवकों ने उसकी जान बचाई.
मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है. युवती की सुरक्षित रखा गया है. उसे पुलिस संरक्षण में रखा गया है. वरिष्ठ अधिकारियों ने पूरे मामले पर निर्देश दिया है. साथ ही पूरे मामले की जांच की बात कही है.
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