प्रयागराज में TGT और PGT भर्ती के नियमों में बदलाव के विरोध में बेरोजगार युवाओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया है. युवाओं का कहना है कि पुराने नियमों के आधार पर विज्ञापन जारी किया जाये.
उत्तर प्रदेश में TGT (ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर) और PGT (लेक्चरर) पदों के लिए भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध शुरू हो गया है. इसको लेकर प्रयागराज में बेरोजगार युवाओं ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है. युवाओं की मांग है कि उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) आगामी भर्ती के लिए पुराने नियमों के आधार पर विज्ञापन जारी करे, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने से बचाया जा सके.
5 लाख युवा हो सकते आवेदन से वंचित
जानकारी के मुताबिक इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह कर रहे हैं. युवाओं का कहना है कि नए भर्ती नियमों को लागू करने से लगभग 5 लाख बेरोजगार युवा TGT और PGT पदों के लिए आवेदन करने के अवसर से वंचित हो सकते हैं. बेरोजगार युवाओं ने आयोग से आग्रह करते हुए कहा कि उनकी मुख्य मांग पुराने नियमों के आधार पर 23,775 पदों के लिए तत्काल भर्ती विज्ञापन जारी करना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी योग्य उम्मीदवार आवेदन करने के अवसर से वंचित न रहे.
नए नियमों से पड़ेगा बड़ा असर
विरोध कर रहे युवाओं का तर्क है कि अगर इन पदों के लिए पुराने नियमों के आधार पर विज्ञापन जारी किया जाता है, तो बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को भर्ती प्रक्रिया में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा. युवाओं के मुताबिक राज्य में मान्यता प्राप्त गैर-सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के माध्यम से की जाती है. इसलिए भर्ती नियमों में किसी भी बदलाव का सीधा असर उन उम्मीदवारों पर पड़ेगा जो लंबे समय से इन शिक्षण पदों के लिए तैयारी कर रहे हैं.
युवाओं ने दोबारा शुरू किया धरना
धरना दे रहे युवाओं का कहना है कि उन्होंने पहले भी जून में TGT-PGT भर्ती को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था, लेकिन उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई. अब उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रखने का फैसला लिया है. युवाओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द ही कोई निर्णय नहीं लिया गया, तो वे अपने आंदोलन को तेज करने और आमरण अनशन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.
