TMC में अभी के समय काफी हलचल देखने को मिल रही है. एक बार फिर ममता बनर्जी के बागी नेताओं ने उनके खिलाफ साजिश रची है. दरअसल, बागी नेताओं ने नई वर्किग कमेटी का निर्माण किया है, जिसमें से ममता बनर्जी को अध्यक्ष पद से हटा दिया गया है. अब वह उस कमेटी की अध्यक्ष नहीं रही. हालांकि, ममता बनर्जी ने बागी सांसदों के साथ इस बार खेला किया है.
कौन बना नया अध्यक्ष
दरअसल, बागी सांसदों ने ममता बनर्जी को हटाकर अरूप रॉय को अध्यक्ष पद के लिए चुना है. बागी नेताओं का नेतृत्व रितब्रता बनर्जी कर रहे हैं. ऐसे में उन्होंने अरूप रॉय को पार्टी का अध्यक्ष चुना है. वहीं, विधायक फिरहाद हकीम, सबीना यास्मीन, अरूप बिस्वास और रथिन घोष को पार्टी की उपाध्यक्ष चुना है. जावेद खान, रितब्रता बनर्जी और संदीपन साहा को पार्टी का महासचिव चुना गया है. बागी सांसदों ने ममता बनर्जी के भतीजे को उनके पद से दूर किया है और अखरुज्जमां अंसारी, जो कि रघुनाथगंज के विधायक है, उन्हें कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है.
ममता बनर्जी ने खेला अपना दांव
बता दें कि ममता बनर्जी टीएमसी की नई वर्किंग कमेटी की चिट्ठी लेकर चुनाव आयोग के पास पहुंची है. इसमें अभिषेक बनर्जी को राष्ट्रीय महासचिव, सुब्रता बख्शी को उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव और राज्यसभा के नेता में डेरेक ओ ब्रायन, ममता बनर्जी को AITC, डोला सेना को संयुक्त सचिव और पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोहनदेब चट्टोपाध्याय को नेता चुना गया है. पार्टी में मौजूद अन्य लोगों को भी उनकी जिम्मेदारियां सौंपी गई है.
रितब्रता बनर्जी ने पार्टी पर दिए बोल
बैठक के समाप्त होने के बाद में रितब्रता बनर्जी ने कहा कि ‘यह असली नकली का सवाल ही नहीं है. हमने पार्टी के मुताबिक ही काम किया है. हम ही TMC है. आज के विशेष सत्र की कार्यवाही निर्वाचन आयोग को दी जाएगी. क्या सही हैं और क्या गलत है, इसका फैसला निर्वाचन आयोग कर लेगा. तृणमूल कांग्रेस के विशेष सत्र में अरूप रॉय को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया है. पूरी कार्यवाही पार्टी के अनुरूप ही होगी.’
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