Ajay rai visits ayodhya: ये खबर बहुत ही सरल भाषा में समझाता है कि दिनभर कृषि विद्यालय में नजरबंद रहने के बाद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने देर रात अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन किए और राम मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों का नाम लेकर कथित चढ़ावा गबन मामले की जांच की मांग की है.

Ajay rai visits ayodhya: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मंगलवार को दिनभर भारी ड्रामा और खींचतान देखने को मिली. यूपी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय को लेकर प्रशासन और पार्टी के बीच सुबह से ही टकराव चल रहा था. पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अजय राय को पूरे दिन एक कृषि विद्यालय में नजरबंद यानी कैद करके रखा हुआ था. प्रशासन की इस कड़ी घेराबंदी के बावजूद कांग्रेस नेता के हौसले पस्त नहीं हुए. जैसे ही मंगलवार की रात को उन्हें नजरबंदी से राहत मिली, वे सीधे रामनगरी अयोध्या के लिए रवाना हो गए. देर रात अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने पूरी आस्था के साथ पहले प्रसिद्ध हनुमानगढ़ी मंदिर में माथा टेका और फिर प्रभु श्री रामलला के दरबार में पहुंचकर उनके भव्य दर्शन किए.
दर्शन करने के बाद अजय राय मीडिया के कैमरों के सामने आए और उन्होंने सरकार पर जमकर अपनी भड़ास निकाली. उन्होंने बहुत ही बेबाकी से कहा कि उन पर भगवान श्री राम और संकटमोचन बजरंगबली का असीम आशीर्वाद है. उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा कि जब साक्षात प्रभु की कृपा आपके साथ हो, तो दुनिया की कोई भी शासन या दमनकारी सत्ता आपको नहीं रोक सकती. अजय राय ने साफ किया कि वे अयोध्या सिर्फ और सिर्फ अपने धार्मिक कार्यक्रम के तहत आए थे. उनका मकसद किसी तरह की राजनीति करना नहीं था. वे प्रभु का पावन आशीर्वाद लेने आए थे और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान का आशीर्वाद लेकर ही वापस लौट रहे हैं.
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार और अयोध्या के स्थानीय प्रशासन पर बहुत ही गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि उनका यह पूरा दौरा पूरी तरह से धार्मिक और व्यक्तिगत था, लेकिन योगी सरकार और पुलिस प्रशासन ने इसे जबरदस्ती राजनीतिक रंग देने की पूरी कोशिश की. उनके मुताबिक, वे केवल हनुमानगढ़ी और रामलला के शांतिपूर्ण दर्शन करना चाहते थे. लेकिन प्रशासन ने उन्हें बिना किसी वजह के सुबह से ही बंधक बनाकर रख लिया. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने एक सीधे साधे धार्मिक कार्यक्रम को अनावश्यक रूप से विवाद का बड़ा विषय बना दिया, जो कि बिल्कुल गलत और अलोकतांत्रिक है.
इस दौरान अजय राय सिर्फ दर्शन करके ही नहीं रुके, बल्कि उन्होंने राम मंदिर से जुड़े एक बेहद संवेदनशील और गरमा गरम मुद्दे पर भी अपनी आवाज उठाई. उन्होंने राम मंदिर में हुए कथित चढ़ावा गबन यानी पैसों की हेराफेरी के मामले का खुलकर जिक्र किया. कांग्रेस नेता ने मांग की कि मंदिर के पैसों में हुए इस कथित घोटाले की पूरी तरह से निष्पक्ष और दूध का दूध, पानी का पानी करने वाली जांच होनी चाहिए. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अगर जांच में ये आरोप सच साबित होते हैं, तो जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए और उन्हें तुरंत जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए.
अपने इस तीखे बयान के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष ने राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कई बड़े और रसूखदार लोगों के नामों का भी सरेआम जिक्र किया. उन्होंने सीधे तौर पर नृपेंद्र मिश्रा, चंपत राय, गोविंद गिरी और अनिल मिश्रा का नाम लेते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की. हालांकि, कांग्रेस नेता द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों की अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है. इसके साथ ही जिन बड़े नामों पर ये आरोप लगाए गए हैं, उनकी तरफ से भी इस बयान पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या जवाब सामने नहीं आया है. तो भाई, इस दर्शन और बयानबाजी के बाद यूपी की राजनीति का पारा एक बार फिर से बहुत ऊपर चढ़ गया है.
