UP Weather: उत्तर प्रदेश में 23 अगस्त (रविवार) को मानसून का असर अलग-अलग अंचलों में अलग-अलग रहने वाला है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, जहां पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश जिलों में मूसलाधार बारिश और वज्रपात (बिजली चमकने) का सिलसिला तेज होगा, वहीं पश्चिमी यूपी में बादलों की आवाजाही के बीच केवल हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के आसार हैं. अगर आप घर से बाहर निकलने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको पहले मौसम अपडेट जरूर देख लेना चाहिए. जानिए आपके शहर में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है और कब एक बार फिर भारी बारिश का दौर शुरू होगा?
यूपी में आज कैसा रहेगा मौसम?
पूर्वी उत्तर प्रदेश में रुक-रुक कर भारी बारिश होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 अगस्त को राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है. खासतौर से पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में भारी से बहुत भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है. वहीं पश्चिमी यूपी में भी अनेक स्थानों पर बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है. मौसम विभाग के अलर्ट के बीच प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है.
पूर्वांचल में बारिश की गतिविधियां
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इन इलाकों में कई स्थानों पर मध्यम से भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली चमकने की प्रबल संभावना है. 23 से 25 अगस्त तक पूर्वांचल में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी.
पश्चिमी यूपी का मौसम
पश्चिमी यूपी में धूप-छांव और हल्की बारिश का सिलसिला बना रहेगा. पश्चिमी जिलों में भारी बारिश की संभावना कम है. यहां बादलों की आवाजाही के बीच कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें गिर सकती हैं. जहां बारिश नहीं होगी, वहां धूप और बादलों की आंख-मिचौनी बनी रहेगी.
ये हैं अलर्ट वाले मुख्य जिले
जिन जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है वो हैं, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, अयोध्या, आजमगढ़, मऊ, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज, मिर्जापुर और सोनभद्र.
तापमान में गिरावट से राहत
प्रदेश भर में बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे पिछले दिनों की उमस भरी गर्मी से काफी राहत मिलेगी. राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 33°C और न्यूनतम तापमान 28°C के आसपास रहने का अनुमान है.
एडवाइजरी
किसानों और ग्रामीणों को सलाह है कि खराब मौसम, आकाशीय बिजली और कड़क के दौरान खुले खेतों, पेड़ों के नीचे या पानी वाले इलाकों में खड़े होने से बचें. पूर्वी यूपी के निचले इलाकों में भारी बारिश से जलभराव (Waterlogging) हो सकता है, इसलिए यात्रा करते समय मुख्य मार्गों का ही चयन करें.
