UP Swine Flu Free Test: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए सरकारी अस्पतालों में मुफ्त जांच, प्राइवेट लैब्स की फीस फिक्स करने और आईसीयू वार्ड तैयार रखने के निर्देश जारी किए हैं.

UP Swine Flu Free Test: उत्तर प्रदेश में इन्फ्लुएंजा-ए यानी स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त कदम उठाए हैं. राज्य सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच मुफ्त करने का ऐलान किया है. इसके साथ ही अस्पतालों में स्पेशल आईसीयू वार्ड तैयार करने के आदेश दिए गए हैं. इस खबर में जानिए सरकार के इस फैसले से मरीजों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी और रोकथाम के लिए क्या नए इंतजाम किए गए हैं.
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त टेस्ट और प्राइवेट लैब्स पर लगाम
राज्य सरकार ने साफ कर दिया है कि किसी भी मरीज को जांच के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों और जिला अस्पतालों में स्वाइन फ्लू की जांच पूरी तरह फ्री होगी. इसके अलावा प्राइवेट अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब्स के लिए भी रेट तय कर दिए गए हैं. कोई भी निजी अस्पताल तय फीस से ज्यादा पैसे नहीं वसूल सकेगा. अगर कोई ज्यादा पैसे मांगता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
गंभीर मरीजों के लिए स्पेशल ICU और प्रभावित जिलों में अलर्ट
जिन जिलों में स्वाइन फ्लू के ज्यादा मरीज मिल रहे हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग को खास नजर रखने को कहा गया है. गंभीर रूप से बीमार मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग से आईसीयू (ICU) वार्ड बनाए जा रहे हैं. इन वार्डों में वेंटिलेटर और जरूरी दवाइयों का पूरा इंतजाम रहेगा. इससे समय पर मरीजों को बेहतर इलाज मिल सकेगा और किसी भी आपात स्थिति से आसानी से निपटा जा सकेगा.
घर बैठे मिलेगी डॉक्टर की सलाह, जारी होगी नई गाइडलाइन
अस्पतालों में भीड़ कम करने के लिए सरकार ने टेलीकंसल्टेशन (ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श) की सुविधा को मजबूत करने का फैसला किया है. मरीज फोन या ऐप के जरिए घर बैठे ही विशेषज्ञों से सलाह ले सकेंगे. इसके साथ ही बीमारी से बचाव और इलाज के लिए नई गाइडलाइन भी जारी की जा रही है. इससे आम लोगों को पता रहेगा कि लक्षण दिखने पर तुरंत क्या कदम उठाना चाहिए.
गांव-गांव पहुंचेगी आशा और एएनएम की टीम, शुरू होगा जांच अभियान
बीमारी को शुरुआती स्तर पर रोकने के लिए ग्राउंड लेवल पर काम शुरू कर दिया गया है. आशा वर्कर और एएनएम की टीमें घर-घर जाकर संभावित मरीजों की पहचान करेंगी. अगर किसी व्यक्ति में सर्दी, जुकाम या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखते हैं, तो उसकी तुरंत जांच कराई जाएगी. सरकार का मकसद बीमारी को फैलने से पहले ही रोकना है ताकि मरीज जल्दी ठीक हो सकें.
अफवाहों पर लगेगी रोक और लोगों को किया जाएगा जागरूक
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि जनता में डर या पैनिक का माहौल न बनने पाए. सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से लोगों तक सही जानकारी पहुंचाई जाएगी. लोगों को बताया जाएगा कि स्वाइन फ्लू से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सही समय पर सावधानी और इलाज ही इसका पक्का समाधान है. किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जाएगी.
