Indus Waters Treaty: भारत द्वारा हेग कोर्ट के फैसले को खारिज करने के बाद पाकिस्तान ने बैकफुट पर आते हुए भारत से 1960 की सिंधु जल संधि के तहत बातचीत करने की गुहार लगाई है.

Indus Waters Treaty: सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर भारत के सख्त रुख के आगे आखिरकार पाकिस्तान नरम पड़ता दिख रहा है. भारत ने हेग स्थित आर्बिट्रेशन कोर्ट के फैसले और उसकी वैधता को मानने से साफ इनकार कर दिया था. भारत के इस कड़े फैसले के बाद अब पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भारत से 1960 के जल समझौते के तहत सकारात्मक बातचीत करने की अपील की है. इस खबर में जानिए कि भारत के एक फैसले से पाकिस्तान में हड़कंप क्यों मचा और दोनों देशों के बीच पानी का विवाद किस मोड़ पर पहुंच गया है.
भारत ने ठुकराया कोर्ट का फैसला तो पाकिस्तान ने की अपील
सोमवार को भारत सरकार ने अंतरराष्ट्रीय अदालत के फैसले को सिरे से खारिज कर दिया था. भारत के इस जवाब के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी का बयान आया है. उन्होंने कहा कि आर्बिट्रेशन कोर्ट ने माना है कि यह संधि पूरी तरह लागू और बाध्यकारी है. अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान इस फैसले को लागू कराने के लिए हर संभव कोशिश करेगा. उन्होंने भारत से भी अपील की कि वह संधि के नियमों के हिसाब से बातचीत की मेज पर आए.
आर्बिट्रेशन कोर्ट पहुंचा था पाकिस्तान, भारत ने दिखाया आईना
भारत द्वारा सिंधु जल संधि को स्थगित किए जाने के बाद पाकिस्तान घबरा गया था. इसके बाद पाकिस्तान मार्च 2026 में हेग स्थित परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन चला गया था. वहां उसने संधि की कानूनी स्थिति पर फैसला सुनाने की गुहार लगाई थी. हालांकि भारत का रुख शुरू से साफ रहा है. भारत ने स्पष्ट कर दिया कि इस ट्रिब्यूनल का कोई कानूनी औचित्य नहीं है और वह इसके किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेगा. भारत की इस सख्ती के बाद पाकिस्तान बैकफुट पर आ गया है.
SCO शिखर सम्मेलन में छाया रहा पानी और आतंकवाद का मुद्दा
यह मुद्दा बिश्केक में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच पर भी जोर-शोर से उठा. सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ बिना लाग-लपेट के कड़ा संदेश दिया. पीएम मोदी ने साफ कहा कि जो देश आतंकवाद को अपनी सरकारी नीति के रूप में इस्तेमाल करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाना बेहद जरूरी है. भारत का यह संदेश सीधा पाकिस्तान की तरफ था, जो आतंकवाद का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हथियार के तौर पर करता आया है.
पीएम मोदी की दो टूक: पूरे आतंकी नेटवर्क को खत्म करना जरूरी
शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि अब केवल आतंकी हमलों का जवाब देने से काम नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि अगर आतंकवाद को पूरी तरह खत्म करना है, तो उसके पूरे इकोसिस्टम को नष्ट करना होगा. इसमें आतंकियों को मिलने वाली फंडिंग, नए लड़कों की भर्ती के रास्ते और उनके सुरक्षित ठिकानों को बर्बाद करना शामिल है. भारत के इस रुख ने वैश्विक मंच पर पाकिस्तान की पोल खोलकर रख दी.
बौखलाए शहबाज शरीफ बोले: पानी को हथियार न बनाए भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सख्त बयानबाजी के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रक्षात्मक मुद्रा में नजर आए. सम्मेलन को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने पानी को क्षेत्र की ‘जीवन रेखा’ बताया. उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से भारत पर निशाना साधते हुए कहा कि पानी का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए. लेकिन भारत का स्पष्ट मानना है कि आतंकवाद और द्विपक्षीय समझौते एक साथ नहीं चल सकते.
