uttarakhand cabinet meeting decisions: उत्तराखंड कैबिनेट ने 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिसमें अग्निवीरों के लिए ‘वीर उद्यमी योजना’ और गेहूं का MSP ₹2585 प्रति क्विंटल तय करना शामिल है. इसके अलावा, पुलिसकर्मियों को डिजिटल ट्रेनिंग देने और न्यायिक अधिकारियों को सस्ते लोन की सुविधा देने जैसे प्रशासनिक सुधारों पर भी मुहर लगाई गई है.
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uttarakhand cabinet meeting decisions: उत्तराखंड में हाल ही में कैबिनेट की एक अहम बैठक हुई. इस बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. सरकार ने कुल 16 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी. इन फैसलों का असर अलग-अलग विभागों और आम लोगों पर पड़ेगा. बैठक में प्रशासन, शिक्षा, पुलिस, किसान और रोजगार जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. इसके बाद सरकार ने कई योजनाओं और नियमों को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया.
सबसे पहले लोक निर्माण विभाग को एक बड़े प्रोजेक्ट के लिए मंजूरी दी गई. एक पुल सुधार योजना के लिए 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की कंसल्टेंसी को हरी झंडी मिली. वहीं न्यायिक अधिकारियों को राहत देते हुए सस्ते लोन की सुविधा दी गई. अब वे 10 लाख रुपये तक का लोन ले सकेंगे. इलेक्ट्रिक वाहन के लिए 4 प्रतिशत और अन्य वाहनों के लिए 5 प्रतिशत ब्याज तय किया गया है. वन विभाग में मुख्य प्रशासनिक अधिकारी बनने की न्यूनतम उम्र 25 से घटाकर 22 साल कर दी गई है.
ऊर्जा और शिक्षा से जुड़े फैसले भी लिए गए. पीएम सूर्य घर योजना के तहत तय किया गया कि 31 मार्च 2025 तक सोलर प्लांट लगाने वालों को ही सब्सिडी मिलेगी. इसके आधार पर बजट भी तय होगा. उच्च शिक्षा में स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के नियम लागू करने को मंजूरी दी गई. साथ ही उत्तराखंड लोक संपत्ति वसूली अधिनियम की नियमावली भी लागू कर दी गई है. गृह विभाग में होमगार्ड की नई नियमावली को भी मंजूरी दी गई.
पुलिस और प्रशासन से जुड़े बदलाव भी सामने आए. यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू होने के बाद पुलिसकर्मियों को डिजिटल और कंप्यूटर ट्रेनिंग दी जाएगी. यह प्रशिक्षण केंद्र सरकार के संस्थान के जरिए कराया जाएगा. पुलिस, PAC और IRB जैसे पदों की नई आयु सीमा फिलहाल लागू नहीं होगी. इसे दिसंबर 2028 के बाद लागू किया जाएगा. एडेड स्कूलों में प्रमोशन को लेकर एक उपसमिति बनाई गई है, जो पुराने सेवा नियमों पर फैसला करेगी.
किसानों और युवाओं के लिए भी राहत भरे फैसले लिए गए. गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया. मंडी शुल्क 2 प्रतिशत ही रखा गया है. वीर उद्यमी योजना को मंजूरी मिली, जिसमें अग्निवीरों और पूर्व सैनिकों को खास लाभ दिया जाएगा. उन्हें अतिरिक्त सब्सिडी और आरक्षण मिलेगा. इसके अलावा सेतु आयोग की संरचना को मंजूरी दी गई और विधानसभा सत्र के समापन को भी स्वीकृति मिली. देवभूमि परिवार अधिनियम को भी पास कर दिया गया है. कुल मिलाकर ये फैसले राज्य के विकास और व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं.
