राष्ट्रागान की तरह राष्ट्रगीत का भी अपमान करना अब कानूनी दायरे के अंदर में लाया जाएगा. दरअसल, संसद के आने वाले सत्र में केंद्र सरकार यह मुद्दा उठाने वाली है. सरकार आगामी सत्र में इसका बिल पास करने वाली है. अगर किसी ने भी इसका अपमान किया या जानबूझकर इसे गाने में बाधा डाली तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी. राष्ट्रगान की तरह ही राष्ट्रगीत के लिए The Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill, 2026 बिल पेश किया जाने वाला है.
क्या होगा इस बिल में
दरअसल, अभी के मौजूदा कानून में केवल राष्ट्रगान जन-मण-गन का ही अपमान करने पर सजा देने का कानून है. सरकार ने लेकिन राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम 1971 का संशोधन कर वंदे मातरम को भी उसमें शामिल करने के लिए बोला है. दायरे में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को भी शामिल करने की बात कही गई है. 24 जनवरी 1950 में संविधान सभा में हुई बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा लिखी गई ‘वंदे मातरम’ ने स्वतंत्रता आंदोलन में अलग भूमिका निभाई थी. इसी वजह से ‘जन गण मन’ को समान सम्मान का दर्जा प्राप्त होना चाहिए. फिलहाल ‘वंदे मातरम’ के अपमान को रोकने के लिए अलग कानूनी प्रावधान मौजूद नहीं है. इसी वजह से सरकार यह संशोधन कर रही है.
क्या मिलेगा दंड
बिल में संशोधन के अनुसार व्यक्ति जानबूझकर ‘वंदे मातरम’ के गायन में बाधा डालता है या रोकता है. तो उसके खिलाफ में उसी तरह कार्रवाई होगी, जिस तरीके से राष्ट्रगान के अपमान में होगी. हालांकि, अभी यह बिल है. इस कानून को पहले संसद के दोनों सदनों से पारित होना होगा. उसके बाद ही राष्ट्रपति से मंजूरी और अंत में संशोधन हो जाएगा.
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