हरियाणा के जींद से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को रवाना किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे हरी झंड़ी दिखाई है. जींद रेलवे स्टेशन से इसे सोनीपत के लिए रवाना किया गया है. दोनों के बीच की दूरी 90 किलोमीटर है. ऐसे में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से बातचीत की है. उन्होंने कहा कि जब भी हाइड्रोजन ट्रेन की बातें आएगी, हरियाणा के जींद, सोनीपत का नाम जरूर लिया जाएगा.
पीएम मोदी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आज सभी लोग जो फोटों और स्केच को लेकर के आए हैं. SPG के साथी इन्हें कृपया एकत्र करते रहे. आपके इस स्नेह, प्यार और कला के प्रति समर्पण का मैं धन्यवाद करता हूं. आप सभी लोगों को मेरा राम-राम. इस पवित्र धरती पर आने से मेरा मन गदगद है. जींद इतिहास, वीरता, और गौरव की धरती है. यहां पर आते ही पुरानी यादें पूरी ताजा हो जाती हैं. बहुत पहले जब मैं यहाँ पर संगठन के काम से आया हुआ था, तब के समय में आप लोगों ने मुझे स्नेह और अपनापन दिया था, उसको मैं अभी भी नहीं भूल सकता हूं.’
साथ ही उन्होंने कहा कि 2014 से पहले के पश्चिम एशिया जैसी परिस्थिति होती, तो डीजल पर निर्भरता कम होती. 1995 से लेकर 2014 तक अभी केवल 30 प्रतिशत रेलवे लाइन का विद्युतीकरण हुआ था. हालांकि, पिछले वर्षों से लेकर अभी तक इन कामों में तेजी देखने को मिली है. भारत 2023 में होने वाले कॉमनवेल्थ की मेजबानी करने की कोशिश कर रहा है. 2036 तक ओलंपिक की मेजबानी का भी लक्ष्य रखा गया है. देश और खिलाड़ी पूरी तैयार रही है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाइड्रोजन ट्रेन की बढ़ाई करते हुए कहा कि इस तकनीक को भारत के इंजीनियर ने विकसित करा है. 21वीं सदी रेलवे स्वच्छ ऊर्जा पर आधारित है. हाइड्रोजन ट्रेन उसी दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है. यह दुनिया की सबसे शक्तिशाली और 10 कोच वाली ट्रेन है.
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