UP Cabinet Expansion 2026: उत्तर प्रदेश में लंबे समय से टल रहा मंत्रिमंडल विस्तार अब जल्द होने की संभावना है. सूत्रों के मुताबिक 10 से 15 मई के बीच कैबिनेट विस्तार किया जा सकता है. जिसके बाद संगठन में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं. पश्चिम बंगाल में नई सरकार के शपथ ग्रहण के बाद पार्टी नेतृत्व का फोकस यूपी पर केंद्रित हो गया है, जिसके चलते यह प्रक्रिया तेज हो गई है.
हो सकते हैं संगठन में बड़े बदलाव
बताया जा रहा है कि 15 मई तक संगठन में भी बड़े बदलाव किए जा सकते हैं और नए प्रदेश व क्षेत्रीय पदाधिकारियों की लिस्ट जारी हो सकती है. भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कैबिनेट विस्तार और संगठनात्मक बदलाव को अंतिम रूप देने में जुटी है.
उम्रदराज मंत्रियों की हो सकती छुट्टी
सूत्रों के अनुसार, इस बार विस्तार में उम्रदराज मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और उनकी जगह नए व युवा चेहरों को मौका दिया जा सकता है. मंत्रिमंडल में खाली पदों को भरने के साथ-साथ कुछ मौजूदा मंत्रियों के प्रदर्शन के आधार पर फेरबदल भी संभव है. कुछ मंत्रियों को संगठन में जिम्मेदारी देने पर भी विचार चल रहा है.
महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर जोर
सहयोगी दलों को भी साधने की रणनीति के तहत अपना दल, सुभासपा और निषाद पार्टी से एक-एक विधायक को मंत्री बनाया जा सकता है. इनके नाम संबंधित दलों के नेतृत्व द्वारा तय किए जाएंगे. महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने पर भी जोर दिया जा सकता है. खासकर ओबीसी और दलित वर्ग की 3-4 महिला विधायकों के नामों पर गंभीरता से विचार हो रहा है.
जातीय समीकरण पर जोर
जातीय समीकरण साधने पर विशेष जोर रहेगा. ओबीसी और दलित वर्ग को प्राथमिकता मिलने की संभावना है, वहीं ब्राह्मण और क्षत्रिय समाज से भी एक-दो नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं. सूत्रों के मुताबिक एक दर्जन से अधिक नामों पर चर्चा हुई है, लेकिन अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. इसके अलावा, कुछ मंत्रियों के विभागों में फेरबदल और कुछ राज्य मंत्रियों को पदोन्नति मिलने की भी संभावना जताई जा रही है. अप्रैल महीने में लखनऊ और दिल्ली में हुई बैठकों में इन सभी मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया जा चुका है.
